मुंगेर यात्रा बनी भावुक पल! राहुल गांधी ने अपने पिता की याद में देखी पुरानी तस्वीरें, लोगों के दिलों को छुआ

मुंगेर यात्रा बनी भावुक पल! राहुल गांधी ने अपने पिता की याद में देखी पुरानी तस्वीरें, लोगों के दिलों को छुआ

‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत 21 अगस्त 2025 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव मुंगेर पहुंचे। अगले दिन यानी 22 अगस्त को राहुल गांधी ने खानकाह रहमानी का दौरा किया, जहां मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी से उनकी मुलाकात ने पुराने रिश्तों को एक बार फिर जीवित कर दिया।


1985 जैसी तस्वीरें, पिता राजीव गांधी की झलक

खानकाह रहमानी में राहुल गांधी की जो तस्वीर सामने आई, उसने 1985 की यादें ताजा कर दीं। करीब चार दशक पहले उनके पिता और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी इसी जगह पर आए थे और मौलाना मिन्नतुल्लाह रहमानी से इसी अंदाज में मुलाकात की थी। राहुल का बैठने और बातचीत करने का वही तरीका लोगों को अतीत की झलक दिखा गया।


मौलाना फैसल रहमानी ने क्या कहा?

मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने कहा कि राहुल गांधी का दौरा अचानक तय हुआ। उन्होंने बताया कि गांधी परिवार का खानकाह रहमानी से पुराना संबंध रहा है। पंडित नेहरू, महात्मा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी भी यहां आ चुके हैं। मुलाकात के दौरान मौजूदा राजनीतिक माहौल और एसआईआर पर भी चर्चा हुई। मौलाना ने कहा कि देश में अमन-चैन सबसे अहम है और इस पर राहुल गांधी ने आश्वस्त किया।


यात्रा का दूसरा दिन और कार्यकर्ताओं का जोश

राहुल गांधी ने अगले दिन सुबह 9 बजे से सफियासराय से यात्रा शुरू की। कौड़ा मैदान, पुलिस लाइन होते हुए यात्रा घोरघट तक पहुंची। जगह-जगह महागठबंधन के कार्यकर्ता हाथों में झंडे और बैनर लेकर राहुल गांधी व तेजस्वी यादव के समर्थन में नारे लगाते नजर आए। बारिश के बावजूद लोगों का जोश कम नहीं हुआ।


राजनीतिक संदेश और चुनावी महत्व

राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ खानकाह रहमानी से भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक नहीं था, बल्कि इससे बिहार में अल्पसंख्यक वोट बैंक को साधने का भी संदेश गया। तेजस्वी यादव की मौजूदगी ने महागठबंधन की एकजुटता को और मजबूत किया। 1985 की ऐतिहासिक तस्वीरों की झलक ने इस दौरे को और खास बना दिया।

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