बिहार के रोहतास जिले के नौहट्टा प्रखंड की रहने वाली रंजू देवी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के सामने बीते रविवार को दावा किया था कि उनका और उनके परिवार का नाम नई वोटर लिस्ट से गायब है। यह बयान उस समय चर्चा में आया जब राहुल गांधी ने उनसे बातचीत की। अब इस पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है। रंजू देवी ने खुद खुलासा किया है कि उन्होंने यह बात वार्ड सदस्य के कहने पर कही थी, जबकि उनके पूरे परिवार का नाम वोटर लिस्ट में मौजूद है।
वार्ड सदस्य ने कही थी बात
रंजू देवी ने बताया कि उनके वार्ड सदस्य ने ही उनसे कहा था कि परिवार का नाम वोटर लिस्ट से कट गया है और राहुल गांधी-तेजस्वी यादव से जाकर यह बात कह दीजिए। महिला ने कहा, “मैं गांव की रहने वाली हूं, मुझे पूरी जानकारी नहीं थी। वार्ड सदस्य ने कहा तो मैं भी उनके कहने पर चली गई।” उन्होंने साफ किया कि यह बयान उन्होंने अपने मन से नहीं दिया था।
बीएलओ ने की पुष्टि
रंजू देवी ने आगे कहा कि जब मामला सामने आया तो बाद में ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) उनके पास आए। बीएलओ ने उन्हें नई मतदाता सूची दिखाई और बताया कि उनके परिवार के सभी सदस्यों का नाम लिस्ट में दर्ज है। महिला ने कहा, “हमने खुद नाम देखा और संतुष्ट हो गए। हमारा पूरा परिवार वोटर लिस्ट में शामिल है।” इस खुलासे के बाद साफ हो गया कि रंजू देवी का परिवार वोटिंग अधिकार से वंचित नहीं है, जैसा कि पहले दावा किया जा रहा था।
राहुल गांधी से हुई थी बातचीत
गौरतलब है कि राहुल गांधी की यात्रा के दौरान जब रंजू देवी ने यह शिकायत रखी थी तो राहुल ने उनसे विस्तार से बातचीत की थी। उन्होंने पूछा था कि क्या पहले आपका नाम वोटर लिस्ट में था? इस पर रंजू देवी ने कहा था। हम पहले चार-पांच बार वोट डाल चुके हैं। राहुल गांधी ने फिर कहा कि “अगर आपने पहले कई बार वोट दिया है तो नया लिस्ट बनते समय नाम कटने का सवाल ही नहीं उठता।” उस वक्त भी राहुल गांधी ने इशारों में यह साफ कर दिया था कि रंजू देवी का दावा सही नहीं हो सकता।
राजनीति में गर्माया मामला
रंजू देवी का बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। पहले जहां इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में सवाल उठ रहे थे, वहीं अब उनके नए बयान ने कहानी को पलट दिया है। अब साफ है कि वोटर लिस्ट से नाम कटने का दावा गलत था और यह सिर्फ वार्ड सदस्य के कहने पर हुआ।





