पटना: बिहार विधान परिषद में गुरुवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बढ़ते अपराध, अपहरण, पुराने बराजों की जर्जर स्थिति और विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे कई अहम मुद्दों पर नीतीश सरकार को घेरने की कोशिश की। सदन के अंदर और बाहर, दोनों जगहों पर आरजेडी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। सदन के बाद एमएलसी राबड़ी देवी के नेतृत्व में आरजेडी नेताओं ने प्रदर्शन भी किया।
कार्यवाही के दौरान विपक्ष के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने गृह मंत्री सम्राट चौधरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि राज्य में अपराध चरम पर है और अपराधी बेलगाम हो चुके हैं।
RJD ने ‘मंगल राज’ पर उठाए सवाल, पेश किए अपराध के आंकड़े
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सदन में अपराध के आंकड़े पेश करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2004 के मुकाबले अपराध के मामलों में भारी वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, अपराध के मामले 1 लाख 52 हजार से बढ़कर 3 लाख 52 हजार तक पहुंच गए हैं।
“ये आंकड़े बता रहे हैं कि कैसे मंगल राज में अपराध बढ़ा है। अगर मंगल राज ऐसा ही होता है तो जंगलराज ही बेहतर था।”- अब्दुल बारी सिद्दीकी, नेता प्रतिपक्ष, विधान परिषद
सिद्दीकी ने कहा कि महिला अपराध भी अपने चरम पर है और पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने सरकार के ‘मंगल राज’ के दावे पर तंज कसते हुए यह टिप्पणी की।
सरकार का पलटवार: डिप्टी सीएम ने बताया अपहरण का सच
विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी खड़े हुए। उन्होंने अपराध के आंकड़ों पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि विपक्ष के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने विशेष रूप से अपहरण के मामलों पर विस्तृत जानकारी दी।
सम्राट चौधरी ने बताया कि दर्ज हुए 20 हजार 768 अपहरण के मामलों में से केवल 158 ही आपराधिक प्रकृति के थे। उन्होंने कहा, “ज्यादातर मामले शादी करने या घर से भागने से जुड़े हुए हैं। ऐसे में इन सभी को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखकर सरकार पर आरोप लगाना पूरी तरह से गलत है।”
बराजों की सुरक्षा और ऑनलाइन FIR पर भी हुई बहस
सदन में सिर्फ अपराध ही नहीं, बल्कि अन्य मुद्दे भी गूंजे। आरजेडी एमएलसी महेश्वर सिंह ने राज्य के तीन प्रमुख बराजों-वाल्मीकिनगर, वीरपुर और इंद्रपुर के पुराने और कमजोर होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि ये बराज 50 साल से अधिक पुराने हो चुके हैं और क्षमता से अधिक जलस्राव के कारण इनकी स्थिति चिंताजनक है। इस पर जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि पुणे की एक विशेषज्ञ संस्था से इनकी जांच कराई गई है और फिलहाल सभी बराज सुरक्षित हैं, साथ ही उनकी लगातार निगरानी भी की जा रही है।
वहीं, आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने ऑनलाइन FIR पोर्टल को लेकर सवाल किया कि अब तक किस जिले से कितने मामले दर्ज हुए हैं। इस पर सम्राट चौधरी ने बताया कि पोर्टल शुरू होने के बाद से लगातार मामले दर्ज हो रहे हैं और पुलिस इस बारे में जागरूकता अभियान भी चला रही है।





