नई दिल्ली। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की तीन दशक पुराने एक मामले में हुई गिरफ्तारी ने बिहार की सियासत में उबाल ला दिया है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी इस कार्रवाई का खुलकर विरोध किया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को दिल्ली में इस मुद्दे पर नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे पूरी तरह से तानाशाही करार दिया।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर पहले ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सवाल उठा चुके हैं। अब तेजस्वी यादव के इस बयान ने विपक्ष की एकजुटता को और स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने न केवल गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए, बल्कि सरकार की मंशा को भी कटघरे में खड़ा किया।
सरकार पर तानाशाही का आरोप
पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने सरकार के काम करने के तरीके की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है और जो लोग जनता की मदद कर रहे हैं, उन्हें पुराने मामलों में फंसाया जा रहा है।
“आजकल तो पूरी तरह से तानाशाही चल ही रही है। दोषियों को बचाया जाता है और निर्दोष को फंसाया जाता है।”- तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष (बिहार)
तेजस्वी ने कहा कि बिहार सरकार का एक ही काम रह गया है-अपराधियों को संरक्षण दो और मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दो। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई बदले की भावना से की गई है।
CBI जांच की विश्वसनीयता पर सवाल
तेजस्वी यादव ने सिर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर ही नहीं, बल्कि NEET छात्रा मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजद लगातार इस मामले को उठा रही है और उनके विधायक विधानसभा में भी आवाज बुलंद कर चुके हैं।
उन्होंने पुराने मामलों का जिक्र करते हुए सीबीआई जांच की प्रभावशीलता पर संदेह जताया। तेजस्वी ने कहा, “हम पहले भी बोल चुके हैं कि सीबीआई जांच का क्या मतलब है। बिहार के कई मामलों की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी गई थी, लेकिन उनमें क्या हुआ? सृजन घोटाला, बालिका गृह कांड और नवरुणा मामला सब ठंडे बस्ते में हैं।”
मनोज झा ने भी साधा निशाना
वहीं, राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने भी पप्पू यादव की गिरफ्तारी की ‘तत्परता’ को लेकर सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह से प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई होने लगी तो अनुसंधान का मतलब ही खत्म हो जाएगा। इस तरह की कार्रवाइयां जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता को कम करती हैं।





