पटना: बिहार में जमीन और संपत्ति की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 1 अप्रैल, 2024 से जमीन रजिस्ट्री की एक नई व्यवस्था लागू होने जा रही है, जिसके तहत अब रजिस्ट्री से पहले संपत्ति की सैटेलाइट तस्वीर देना अनिवार्य होगा। यह नियम सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि मकान और फ्लैट की रजिस्ट्री पर भी समान रूप से लागू होगा।
निबंधन विभाग ने इस प्रणाली को लागू करने से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की जांच कर ली है। अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम से संपत्ति के सौदों में पारदर्शिता आएगी और एक ही संपत्ति को कई बार बेचने जैसे धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगेगी।
दरभंगा में सफल परीक्षण के बाद लिया गया फैसला
इस नई व्यवस्था को पूरे राज्य में लागू करने से पहले इसका सफल ट्रायल दरभंगा जिले में किया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, ट्रायल के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों की सैटेलाइट तस्वीरों को ऑनलाइन पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपलोड करके देखा गया। परीक्षण के सफल रहने के बाद ही इसे पूरे बिहार में लागू करने का निर्णय लिया गया है।
कैसे काम करेगी यह नई प्रणाली?
नई व्यवस्था के तहत, जब कोई व्यक्ति अपनी जमीन, मकान या फ्लैट बेचना चाहेगा, तो उसे निबंधन विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्री का समय लेने से पहले कुछ जरूरी जानकारी देनी होगी।
इसमें संपत्ति का खाता नंबर, प्लॉट नंबर और अन्य विवरण के साथ-साथ उस संपत्ति की सैटेलाइट से ली गई अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude) वाली तस्वीर भी अपलोड करनी होगी। यह तस्वीर अपलोड होने के बाद ही विभाग की ओर से रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट दिया जाएगा।
एक ही संपत्ति को दोबारा बेचना होगा नामुमकिन
इस प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक बार किसी संपत्ति की रजिस्ट्री उसकी सैटेलाइट तस्वीर के साथ हो जाने पर उसका एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा। यदि कोई व्यक्ति उसी जमीन, मकान या फ्लैट को दोबारा बेचने की कोशिश करता है, तो पोर्टल पर तस्वीर अपलोड होते ही विभाग को तत्काल इसकी जानकारी मिल जाएगी। ऐसे में सिस्टम दूसरी बार रजिस्ट्री की अनुमति नहीं देगा, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।





