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सीएम नीतीश कुमार ने कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल का किया निरीक्षण, अधिकारियों को अप्रैल 2026 तक काम पूरा करने का दिया निर्देश

Written by:Ankita Chourdia
Published:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन गंगा पुल के निर्माण कार्य का जायजा लिया और इसे अप्रैल 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। इस पुल के बनने से पटना के गांधी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा और उत्तर-दक्षिण बिहार के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा, जिससे मिथिलांचल तक की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
सीएम नीतीश कुमार ने कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल का किया निरीक्षण, अधिकारियों को अप्रैल 2026 तक काम पूरा करने का दिया निर्देश

पटना: बिहार की राजधानी पटना से उत्तर बिहार और मिथिलांचल के जिलों तक का सफर भविष्य में और भी आसान और तेज होने वाला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को अधिकारियों को महत्वाकांक्षी कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन गंगा पुल परियोजना को अप्रैल 2026 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है। शनिवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण करने के बाद सीएम ने कहा कि इसके पूरा होने से महात्मा गांधी सेतु पर यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा।

यह पुल पटना और आसपास के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा। इसके चालू हो जाने के बाद उत्तर बिहार की ओर जाने वाली गाड़ियां पटना शहर में प्रवेश किए बिना बाहर से ही निकल सकेंगी। इससे न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि शहर के अंदरूनी ट्रैफिक को भी राहत मिलेगी।

गांधी सेतु का मजबूत विकल्प बनेगा यह पुल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह परियोजना उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क के लिए एक बेहतरीन वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगी। उन्होंने अधिकारियों को पुल के पहुंच पथ (अप्रोच रोड) का निर्माण भी तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि आवागमन पूरी तरह से निर्बाध और सुचारू हो सके।

“इस परियोजना के पूर्ण होने से महात्मा गांधी सेतु पर भी यातायात का भार कम होगा तथा उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार की सम्पर्कता के लिये लोगों को एक और वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे आवागमन और सुगम होगा।”- नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा, मिथिला जाना होगा आसान

इस परियोजना की एक और खास बात यह है कि इसे आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना से समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। लोगों का बहुमूल्य समय बचेगा और सफर आरामदायक होगा। सरकार का लक्ष्य राज्य में गुणवत्तापूर्ण सड़कों और पुलों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, और यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इसके अलावा, पुल के बनने से दियारा क्षेत्र के लोगों को राजधानी पटना से सीधी और निर्बाध सड़क संपर्कता मिलेगी, जिससे कृषि, उद्योग और अन्य व्यवसायों के विकास में तेजी आएगी। आपातकालीन चिकित्सा की स्थिति में मरीजों को पटना के अस्पतालों तक पहुंचने में भी काफी सुविधा होगी।

परियोजना का एक चरण पहले से ही चालू

आपको बता दें कि यह एक विशाल परियोजना है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 19.76 किलोमीटर है। इसमें 9.76 किलोमीटर लंबा पुल और करीब 10 किलोमीटर का अप्रोच रोड शामिल है। परियोजना के पहले चरण के तहत पटना के कच्ची दरगाह से वैशाली के राघोपुर दियारा तक 4.57 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन पिछले साल ही कर दिया गया था, जिससे राघोपुर तक की कनेक्टिविटी बहाल हो चुकी है।

अब दूसरे और तीसरे चरण में राघोपुर दियारा से हाजीपुर-महनार पथ (एन.एच.-122बी) और फिर चकसिकन्दर (एन.एच-322) तक के हिस्से का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस परियोजना की प्रगति की नियमित निगरानी करते रहे हैं।