बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) का प्रचार प्रसार तेजी से हो रहा है। NDA और महागठबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। NDA की ओर चुनाव प्रसार में खुद PM मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह एवं दिग्गज नेता मैदान में उतर चुके हैं। तो वहीं आरजेडी से तेजस्वी यादव पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं। ऐसे में अब कांग्रेस ने भी कमर कस ली है। कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को शामिल किया गया है जो पहले चरण के मतदान वाली सीटों पर प्रचार का जिम्मा संभालेंगे।
कांग्रेस (Congress) के शीर्ष नेतृत्व को किया गया शामिल
कांग्रेस पार्टी के 40 स्टार प्रचारकों में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावे कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी प्रचार करेंगे। इनके अलावे सूची में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह समेत कई बड़े राष्ट्रीय नेताओं के नाम हैं। इस सूची में युवा चेहरों को भी जगह दी गई है जिसमें मुख्य रूप से सचिन पायलट, कन्हैया कुमार और इमरान प्रतापगढ़ी और एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को शामिल किया गया है।
कांग्रेस के 40 स्टार प्रचारकों के नाम
बिहार कांग्रेस की तरफ से बताया गया कि लिस्ट में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद राहुल गांधी, सोनिया गांधी, और प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा केसी. वेणुगोपाल, सुखविंदर सिंह सुखु, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, अधीर रंजन चौधरी, मीरा कुमार, कृष्णा अल्लावरु, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सैयद नासिर हुसैन, चरणजीत सिंह चन्नी, गौरव गोगोई, तारिक अनवर, डॉ. मोहम्मद जावेद, अखिलेश प्रसाद सिंह, मनोज राम, अलका लंबा, कन्हैया कुमार, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, शकील अहमद, जीतू पटवारी, सुखदेव भगत, राजेश कुमार राम, शकील अहमद ख़ान, मदन मोहन झा, अजय राय, जिग्नेश मेवानी, रंजीत रंजन, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, अनिल जयहिंद, राजेंद्र पाल गौतम, फुरकान अंसारी, उदय भानु चिब, और सुबोध कांत सहाय को शामिल किया गया है।
बिहार महागठबंधन में सब ठीक!
बता दें कि बिहार में कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा है और महागठबंधन में कुछ ठीक नहीं चल रहा था। कांग्रेस के नेता अपनी ही पार्टी के खिलाफ हो गए थे। तो वहीं कई जगहों पर विरोध के सुर भी गूंजने लगे थे। इसके पीछे की वजह थी सीट शेयरिंग। जिसके बाद राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत, केसी वेणुगोपाल समेत दिग्गज नेताओं को बिहार भेजा गया था। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेता महागठबंधन की अन्य पार्टियों के साथ भी तालमेल और बेहतर करने पर लगातार काम कर रहे हैं। ताकि मतदान के पहले गठबंधन दलों के बीच सब कुछ ठीक किया जा सके और फ्रेंडली फाइट की जगह एकजुट होकर महागठबंधन का सीधा मुकाबला NDA से होने की तस्वीर पेश की जा सके।
दो चरणों में होगा बिहार विस चुनाव
बिहार की सभी 243 सीटों पर दो चरणों में चुनाव संपन्न होना है। 6 नवंबर को पहले चरण में विधानसभा की 121 सीटों और 11 नवंबर को दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान होंगे, जबकि सभी 243 सीटों पर 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी। वहीं 16 नवंबर को चुनाव नतीजों के साथ पता चलेगा की कौन बिहार की सत्ता संभालेंगा।





