
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने सोमवार, 01 सितंबर 2025 को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्षी दलों की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में राहुल गांधी आगे और तेजस्वी यादव पीछे थे, जबकि अखिलेश यादव भी पीछे चल रहे थे। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी ने परिवार के अंदरूनी अंतरविरोध को और बढ़ा दिया है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी पूछा कि उत्तर बिहार में सांसद रोहिणी आचार्य कहां थीं और पटना के दो सांसद – स्वयं और मीसा भारती – यात्रा में क्यों नहीं दिखे।
तेजस्वी यादव पर टिप्पणी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया
रविशंकर प्रसाद ने तेजस्वी यादव को बिहार में दूसरे नंबर का खिलाड़ी बताते हुए कहा कि कांग्रेस का वोट बिहार में नहीं है और उसका भरोसा तेजस्वी यादव पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी यात्रा में मोहब्बत का संदेश लेकर चले थे, लेकिन उन्होंने नफरत फैलाई। बीजेपी सांसद ने कहा कि देश को समझना चाहिए कि राहुल गांधी गैर-जिम्मेदार हैं और उन्होंने अपनी अहंकार और नफरत के चलते मोदी जी की सत्ता को चुनौती देने के बजाय उसे चुनौती मान लिया है।
मोदी और वोटर अधिकार यात्रा पर तंज
बीजेपी सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने मोदी जी की स्वर्गवासी मां के खिलाफ गाली देने वाले लोगों पर कोई शब्द नहीं कहा। रविशंकर प्रसाद ने इसे अहंकार और नफरत के रूप में बताया और कहा कि जनता वोट के जरिए हमेशा मोदी जी को आशीर्वाद देती है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में राहुल गांधी की यात्रा का कोई असर नहीं होगा क्योंकि मोदी जी जनता के दिलों में स्थायी रूप से हैं। सांसद ने यह भी कहा कि वोटर अधिकार यात्रा केवल दिखावे की है और इसका असली मकसद सत्ता पर सवाल उठाना है।
बूथ कैप्चरिंग और चुनाव आयोग की तारीफ
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पहले बिहार में चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग और लूट जैसी घटनाएं आम थीं, लेकिन आज चुनाव आयोग की वजह से यह खत्म हो गई है। उन्होंने ईवीएम और बैलेट बटन पर भरोसा जताते हुए कहा कि आज हर वोट का सही नतीजा सामने आता है। उन्होंने विपक्षी दलों के बैलेट पेपर लाने के आह्वान को दिल का दर्द बताया और कहा कि इन दलों का असली मुद्दा घुसपैठियों की समस्या है और चुनाव आयोग पर असहमति जताना है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से वोट करें और लोकतंत्र का सम्मान करें।
