उज्जैन में कोरोना के 33 नए पॉजिटिव, 329 पहुंचा आंकड़ा

उज्जैन में कोरोना के 33 नए पॉजिटिव, 329 पहुंचा आंकड़ा

Coronavirus economic impact concept image

उज्जैन।

मध्यप्रदेश(madhya pradesh) के उज्जैन में कोरोना (corona) संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार उछाल देखने को मिल रही है। शुक्रवार देर तक प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक उज्जैन में कोरोना से 33 अन्य संक्रमित(infectitious) मरीज मिले है। जिसके साथ ही उज्जैन में पॉजिटिव(positive) मरीजों की संख्या बढ़कर 329 हो गई है। वही दो लोगों की मौत के बाद अब इस बीमारी से मरने वाले की संख्या 47 पहुंच गई है।

दरअसल शनिवार देर रात उज्जैन में कोरोना के 33 नए मामले सामने आए। इन संक्रमितों में अधिकांश संक्रमित क्षेत्रों के ही मरीज हैं। जिसमें बेगमपुरा क्षेत्र में 17 नए केस सामने आए हैं। इनमें से भी 12 एक ही परिवार के हैं, शेष पांच अन्य परिवार के सदस्य हैं। नए मामलों में भी अधिकांश को कोई लक्षण नहीं थे। इसके अलावा भी बीते दिनों सर्वे में कुछ लोगों को होम क्वारंटाइन किया गया था। वहीं शनिवार को 2 अन्य की इस संक्रमण की चपेट में आने से मौत हो गयी है। जिसके बाद जिलेमें कोरोना से मौत का आंकड़ा 47 पहुँच गया है।

बता दें कि इससे पहले उज्जैन जिले में कोरोना संक्रमण के 23 नए मामले आए। इन्हें मिलाकर अब पॉजिटिव मरीजों की संख्या 264 हो गई थी। नए मरीजों में 13 बड़नगर के थे।वहीँ संक्रमण के कारण जिले में 45 लोगों की मौत हो चुकी थी। हलाकि राहत की बात ये थी कि 106 लोग ठीक हुए हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews