Bribe: लोकायुक्त के शिकंजे में फंसा लेखापाल, रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

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सीधी, डेस्क रिपोर्ट
कोरोना संकटकाल में भी मध्यप्रदेश में रिश्वत का खेल जारी है। अब लोकायुक्त की टीम ने सीधी जिले में आयुष कार्यालय में पदस्थ लेखापाल को रंगेहाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि लेखापाल ने शिकायतकर्ता से लंबित पेंशन प्रकरण के निराकरण के लिए रिश्वत की मांग की थी। यह कार्रवाई रीवा लोकायुक्त टीम द्वारा की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, आयुष कार्यालय सीधी में पदस्थ वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने राममित्र मिश्रा पुत्र स्व. शिव बालक मिश्रा 62 वर्ष निवासी ककलपुर अमरपाटन सतना से लंबित पेंशन प्रकरण के निराकरण के लिए दस हजार की मांग की थी।राममित्र ने इसकी शिकायत रीवा लोकायुक्त से की। लोकायुक्त ने योजना बनाकर राममित्र को रिश्वत के पैसे लेकर भेजा, जैसे ही लेखापाल ने पैसों के लिए हाथ बढ़ाया टीम ने रंगेहाथों धर दबोचा। कार्रवाई के बाद से विभाग के आला अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। यह कार्रवाई लोकायुक्त की 15 सदस्यीय टीम द्वारा की गई ।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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