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अवैध उत्खनन यानि जान से मारने की कोशिश, मंत्रीजी का फरमान

Written by:Gaurav Sharma
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अवैध उत्खनन यानि जान से मारने की कोशिश, मंत्रीजी का फरमान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में रेत के अवैध खनन (Illegal Sand Mining) की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाये हैं| कृषि मंत्री कमल पटेल (Agricuture Minister) ने दो टूक कहा है कि नर्मदा में रेत का अवैध खनन करने वालों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होगा। मंत्री पटेल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है, वहीं उन्होंने यह भी साफ़ कर दिया है कि अवैध खनन की सूचना को अनदेखा करने और छिपाने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, कृषि मंत्री कमल पटेल नर्मदा से रेत के अवैध उत्खनन की शिकायतों से नाराज हैं| सिवनी मालवा और नर्मदा बेल्ट के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात के दौरान अवैध खनन की जानकारी मिलते ही कृषि मंत्री कमल पटेल ने प्रशासन के अधिकारीयों से चर्चा कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मशीन जब्त करने के निर्देश दिए। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं और चेताया है कि अवैध उत्खनन की शिकायतों को दबाया या छुपाया तो कार्रवाई होगी|

नर्मदा हमारी आस्था का केंद्र, इसमें अवैध खनन बर्दाश्त नहीं
कमल पटेल ने बताया कि जबलपुर जिले की तहसील शहपुरा में बेलखेड़ी घाट (टपरिया) पर अवैध रेत खनन की खबर मिली थी लेकिन मौके पर गये अमले ने बताया कि वहाँ कुछ नहीं मिला जब उन पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए तब वहां से मशीन जब्त की गई। कमल पटेल ने कहा कि अवैध खनन की सूचना को अनदेखा करने और छिपाने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल से चर्चा में कहा कि नर्मदा हमारी आस्था का केंद्र है इसमें अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ऐसे तत्वों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया जाएगा।

ड्राइवर नहीं मालिक पर होगी कार्रवाई
कृषि मंत्री कमल पटेल ने ओवरलोड चल रहे डंपरों को जब्त कर राजसात करने के निर्देश दिए हैं, कमल पटेल ने कहा कि डंपरों को पकड़ कर ड्रायवर पर कार्रवाई की जाती है जबकि वह तो नौकरी कर रहे हैं, उन्होंने डंपर मालिक पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं जिससे ओवरलोड के साथ रेत के अवैध परिवहन पर अंकुश लग सकेगा।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
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