
Chaitra Navratri 2024 : नवरात्रि का त्योहार साल में दो बार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। साल की पहली नवरात्रि को चैत्र और दूसरी को शारदीय नवरात्रि के नाम से जानते हैं। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रुपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के दौरान लोग भक्ति गीतों का गायन, माता की चालीसा और अन्य पूजा पाठ का आयोजन करते हैं। इसके अलावा, भक्तों का व्रत और उपवास भी होता है। वहीं, इस साल चैत्र नवरात्रि 8 अप्रैल से शुरू हो रही है। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको कुछ उपाय बताते हैं जिसे अपनाकर आप माता दुर्गा के साथ-साथ मांं लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

जानें शुभ मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल को रात 11 बजकर 50 मिनट पर शुरू होकर 9 अप्रैल रात 8 बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगा। वहीं, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 02 मिनट से सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक है। बता दें कि 9 दिन बाद यानि कि 18 अप्रैल को मां दुर्गा का विसर्जन किया जाएगा।
पूजन सामग्री
- मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर
- पूजा की थाली
- कलश
- रोली
- अक्षत
- फूल
- दीपक
- धूप और अगरबत्ती
- चन्दन, कुमकुम, सुहाग, बिचुए, हार, काजल, मेहंदी, अंगूठी, चूड़ी
- दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा
- जप माला
- फल और मिष्ठान
पूजन विधि
- पूजा के लिए स्थान को सफाई करें और उसे सजाएं।
- कलश सजाने के लिए एक पात्र में पानी डालें, उसमें गंगा जल या साफ पानी मिला सकते हैं।
- उसमें फूल, अक्षत, नारियल, चावल, रोली, चावल आदि डालें।
- कलश की ऊपर मूर्ति या तस्वीर को रखें।
- दीपक को जलाएं, धूप और अगरबत्ती दें।
- मंत्रों की जप के दौरान माला का प्रयोग करें।
- मां का ध्यान करें।
- पूजा पाठ की पुस्तक से मंत्रों की पाठ करें।
- फल, मिष्ठान और प्रसाद की पूजा करें।
- पूजा के बाद परिवार के सदस्यों में प्रसाद बांटें।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

