कांग्रेस ने किया सिंधिया का पुतला दहन, भाजपा में शामिल होने पर किया जा रहा विरोध

कांग्रेस ने किया सिंधिया का पुतला दहन, भाजपा में शामिल होने पर किया जा रहा विरोध

सत्येन्द्र रावत//दतिया।

मध्यप्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच ज्योतिरादित्य के सिंधिया के बागी होने के बाद भाजपा का दामन थामने पर प्रदेश के कई जगहो पर सिंधिया का विरोध शुरू हो गया है। जिसके चलते दतिया में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला दहन सिंधिया के विरोध में नारेबाजी की है। गुरुवार के दिन दतिया में क़िलाचौक पर कांग्रेस नेता केशव यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला दहन कर भाजपा में जाने पर विरोध जताया है।

मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही सियासत घमासान के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस छोड़ना ओर भाजपा में शामिल होंना कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के लिए ऑपरेशन अंजाम के तहत मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। हालाकि सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बागी होने पर कांग्रेस में सिंधिया का जबरदस्त विरोध जारी है, तो वही सिंधिया समर्थकों का भी स्तीफा देना जा रही है। पुतला दहन के दौरान कांग्रेस नेता केशव यादव ने सिंधिया पर तीखा हमला बोला है। हमला करते हुये केशव यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गद्दार व्यक्तियों के कोई स्थान नही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को जो कुछ भी मिला है वह कांग्रेस पार्टी में रहकर मिला है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews