महासंग्राम: सरकार बचाने भगवान की शरण में कांग्रेसी, विधायकों के सद्बुद्धि की प्रार्थना

महासंग्राम: सरकार बचाने भगवान की शरण में कांग्रेसी, विधायकों के सद्बुद्धि की प्रार्थना

ग्वालियर।अतुल सक्सेना। मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं द्वारा चली जा रहीं सियासी चालों के बीच कांग्रेस के कार्यकर्ता भगवान की शरण में पहुँच गए है वे कमलनाथ सरकार बचाने और 21 विधायकों को सद्बुद्धि देने की ईश्वर से कामना कर रहे हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद ग्वालियर में हीसिंधिया समर्थक नेताओं में दो धड़े बन गए अधिकांश सिंधिया के साथ चले गए जिनमें कमलनाथ सरकार के दो मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं इमरती देवी एवं विधायक मुन्ना लाल गोयल जैसे कुछ बड़े नेता शामिल है तो कुछ ने अपनी आस्था बदलते हैं कांग्रेस में रहने की बात की। जो सिंधिया समर्थक नेता पार्टी के साथ गए वे अब कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के सामने अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं और सरकार बचाने के लिए भगवान की शरण में हैं। ऐसे ही कुछ नेताओं ने आज प्रेम नारायण यादव और जिला संगठन मंत्री (पूर्व कट्टर सिंधिया समर्थक) वीर सिंह तोमर के नेतृत्व में अलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की। कुछ चंद नेताओं की मौजूदगी में हैं इस पूजा कार्यक्रम में नेताओं ने भगवान भोले नाथ से प्रार्थना की कि 16 मार्च को होने वाले फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस को सफलता मिले, अलग हैं 21 विधायकों को सद्बुद्धि मिले और कमलनाथ सरकार बच जाए।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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