ग्रीन जोन जिले में कोरोना की एंट्री, पहला पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप

ग्रीन जोन जिले में कोरोना की एंट्री, पहला पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप

बालाघाट।सुनील कोरे।

लॉक डाउन 4.0 (lock down) लगते ही कोरोना ने उन जिलों में भी दस्तक देना शुरु कर दिया है जहां अभी तक एक भी मरीज नही मिला था। एमपी का बालाघाट जो अबतक लॉक डाउन 3.0 का ग्रीन जोन मे था लॉकडाउन 4.0 लगते ही कोरोना की चपेट में आ गया है। यह पहला कोरोना मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है।

दरअसल, खैरलांजी क्षेत्र के भजियादण्ड निवासी युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। युवक मुम्बई के पुणे से 16मई को आया था। जिसकी दूसरे दिन तबियत खराब होने से उसे अस्पताल में भर्ती करके , उसके सेंपल को जांच के लिए भेजा गया था।जिसकी आज रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आयी है। जिसके बाद जिले में हड़कंप का माहौल बन गया है। हालांकि प्रशासन का कहना कि घबराने जरूरत नही है। युवक के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन ने भी ऐतिहात के तौर पर कदम उठाने शुरू कर दिए है। वही प्रशासन ने भजियादण्ड को कंटेन्मेंट क्षेत्र घोषित किये जाने की बात कही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews