Coronavirus in MP: भोपाल-इंदौर में कोरोना का तांडव जारी, 117 फिर पॉजिटिव

Coronavirus in MP: भोपाल-इंदौर में कोरोना का तांडव जारी, 117 फिर पॉजिटिव

भोपाल।
तीन महिनों से ज्यादा का वक्त बीत चुका है लेकिन कोरोना (corona ) का कहर कम होने का नाम नही ले रहा है। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या चार लाख के करीब पहुंच गई है, लगातार बढ़ते आंकड़ों के हिसाब से भारत (india) ने ब्रिटेन को भी पीछे छोड़ दिया और दुनिया का चौथा सबसे प्रभावित देश बन गया।इसी कड़ी एमपी में भी कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 11 हजार के पार पहुंच गया है और अब तक 484 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। खास करके इंदौर-भोपाल (indore-bhopal) में लगातार संक्रमितों के मिलने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को जहां भोपाल में 62 कोरोना पॉजिटिव मिले वही इंदौर में 55 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पिछले चौबीस घंटों में 182 नए मामले सामने आए हैं।

इंदौर शहर की बात करे तो यहां गुरुवार रात जारी रिपोर्ट के अनुसार शहर में 55 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। वहीं मरने वालों की संख्‍या अब 189 हो गई है। अब तक कुल एक्टिव केस 908 हैं। आज चार और लोगों की कोरोना से मौत की पुष्टि हुई है। इससे पहले बुधवार को 57 औऱ मंगलवार को 44 केस मिले थे।वही आए दिन लोग दम तोड़ रहे है। लगातार तीन दिनों में 4-4 मरीजों ने जिंदगी हारी है। वही भोपाल में भी हालात बेकाबू है। आए दिन 50-70 मरीज मिल रहे है। गुरुवार को 62 नए केस मिले है, इसके पहले बुधवार रात आई रिपोर्ट में 58 औऱ मंगलवार को 47 कोरोना पॉजिटिव मिले थे।अबतक कुल शहर में संक्रमितों का आकंड़ा 2300 के पार पहुंच गया है वही 75 करीब लोगों की मौत हो चुकी है।

लगातार बढ़ रहे मामलों ने सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि रिकवरी रेट में सुधार हुआ है, लेकिन आंकड़ों में भी तेजी आ रही है। गुरुवार को इसी के चलते भोपाल कलेक्टर तरुण पिथौडे का तबादला कर दिया गया, अविनाश लावानिया को भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है, लावानिया के सामने कोरोना कंट्रोल बड़ी चुनौती है, जबकी इंदौर में तो कलेक्टर पहले ही बदले जा चुके है। सरकार के सामने ये दोनों शहर चुनौती बने हुए है। आने वाले समय में आंकड़ों की बढ़ोत्तरी की संभावना है, माना जा रहा है सरकार इन दोनों शहरों को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है।हालांकि भोपाल से ज्यादा इंदौर में सख्ती बरती जा रही है।इतना ही नही अन्य जिलों में भी हालात सुधार की ओर नही है। गुरुवार को जबलपुर में पांच, नरसिंहपुर, बालाघाट और पन्ना में तीन- तीन, सतना व सिवनी में एक-एक नए केस मिले।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews