किसानों की जिला प्रशासन से माँग- शहर में जाकर बेचने दें सब्जियां

किसानों की जिला प्रशासन से माँग- शहर में जाकर बेचने दें सब्जियां

जबलपुर।संदीप कुमार

कोरोना वायरस के चलते बीते 20 मांर्च से चले आ रहे लॉक डाउन ने सब्जी उत्पादक किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है।पहले से ही कम कीमत में सब्जियां बेच रहे किसानों को अब शहर के बाहर ही सब्जियां बेचने के निर्देश जिला प्रशासन के द्वारा दिए गए है जिसके कारण किसानों की सब्जियां के दाम औंधे मुंह गिर गए है।

टमाटर दो रु किलो तो हरी सब्जियां दस रु किलो बिक रही है

भेड़ाघाट-शहपुरा से सब्जियां लाकर शहर में बेचने वाले किसानों की इस महामारी के बीच लागत तक नही निकल रही है आलम ये है कि मजबूरन सस्ती सब्जियां बेचना पड़ रहा है।टमाटर दो से पाँच रु किलो थोक में बिक रहे है पर उसे भी लोग लेने को तैयार नही है।वहीं हरी सब्जियां के दाम भी जिला प्रशासन ने जो तय कर रखे है उन दामो में बेचा जा रहा है जिससे कि किसानों को लागत के दाम भी नही मिल पा रहे है।

किसानों की जिला प्रशासन से माँग- लॉक डाउन में दे कुछ राहत,शहर में जाकर बेचने दे सब्जियां

किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भले ही कुछ समय के लिए पर शहर के अंदर ही सब्जी बाजार लगाने की अनुमति दे जिससे कि किसान अपनी सब्जियों को बेच सके।पहले बाजार निवाडगंज-कृषि मंडी में लगती थी पर कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जिला प्रशासन ने शहर के बाहर ही सब्जी मंडी लगाने के निर्देष दिये है जिसके लिए टाइम लिमिट भी किया गया है।

वतर्मान में शहर के बायपास में लग रही है सब्जी बाजार

शहपुरा से आए किसान संतोष कुमार ने बताया कि वह आज बाजार में टमाटर लेकर आए थे पर शहर से बाहर बाजार होने के कारण खरीददार बहुत कम ही आ रहे है और जो आते है तो वो सब्जियों को ऐसे दाम दे रहे है जिससे कि लागत तक नही निकल रही है ऐसे में अब वापस घर सब्जियां लेकर जा रहे है।

पुलिस-प्रशासन भी ठग रहा है किसानों को

किसानो ने बताया कि बमुश्किल बायपास तक लाई गई सब्जियों को बेचने के लिए भी हमे परेशान हो रहा है।प्रशासनिक कर्मचारी ग्राहकों से बात तक नही करने दे रहे है और अगर उनकी बात न मानो तो वह भगा देते है।वही पुलिस कर्मचारी फ्री में सब्जियां ले जा रहे है जिससे कि किसान परेशान है ऐसे में बिना सब्जियां बेचे वापस अपने घर जा रहे है।

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