होली मिलन समारोह में विकास कार्यों पर हुई चर्चा

होली मिलन समारोह में विकास कार्यों पर हुई चर्चा

दतिया//सत्येन्द्र रावत।

रावत समाज नवयुवक मंडल एवं सिद्धेश्वर मेला समिति भदौना का संयुक्त होली मिलन समारोह संपन्न हुआ। जिसमें समिति के पदाधिकारियों ने आगामी मेले एवं सिद्धेश्वर पर्वत पर होने वाले विकास कार्यों को लेकर अहम चर्चा की गई। विशाल पवित्र पर्वत पर विराजमान सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पर आयोजित हुआ। जहां सिद्धेश्वर महादेव मंदिर की महिमा का बखान करते हुए बताया गया कि जो भी भक्त विशाल पर्वत पर विराजित सिद्धेश्वर भगवान की परिक्रमा करते हैं उनकी मनोकामना अवश्य रूप से पूर्ण होती हैं। वही जो भी श्रद्धालु पर्वत पर इस कुंड में नहा लेता है। उसके सारे कुष्ठ रोग भी दूर होते हैं। इसके अलावा 200 मीटर ऊंचे पर्वत से नजर पसार तो चारों तरफ हरियाली ही हरियाली नजर आती है। जो मन को शांति और प्रफुल्लित करती है।

रावत समाज नवयुवक मंडल एवं मेला समिति पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एक दूसरे को होली का रंग गुलाल लगाकर एक दूसरे को शुभकामनाएं। इस मौके पर रावत समाज नवयुवक मंडल एवं भाजपा मंडल ब्लॉक अध्यक्ष डबरा पोशन सिंह रावत मेला समिति के अध्यक्ष एवं रावत समाज नवयुवक मंडल के संरक्षक एवं वंदे मातरम स्कूल के संचालक प्रीतम सिंह रावत मंडल के उपाध्यक्ष शिरोमणि रावत मंडल के सचिव रामकिशोर उर्फ बंटी रावत, वरिष्ठ पदाधिकारी देवेंद्र सिंह रावत उर्फ बल्लू उप निरीक्षक संजय सिंह रावत, पत्रकार भरत रावत पत्रकार राज रावत आदि सहित सैकड़ों पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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