अपनी मांगों को लेकर शिवराज सरकार के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन

अपनी मांगों को लेकर शिवराज सरकार के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन

भोपाल।

मध्यप्रदेश में लॉकडाउन 5.0 के साथ अनलॉक फेज का पहला दिन शुरू हो गया है। दिन शुरू होते ही प्रदेश में विवाद कि स्थिति उत्पन्न हो गई है। जहाँ राजधानी में कर्मचारी कांग्रेस ने पांच सूत्रीय मांग को लेकर शिवराज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीँ कर्मचारी कांग्रेस के नेता वीरेंद्र खोंगल ने शिवराज सरकार को कर्मचारी विरोधी सरकार बताया। इसी के साथ उन्होंने शिवराज सरकार पर कर्मचारियों का पैसा हजम करने का संगीन आरोप लगाया।

दरअसल संविदा कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष ने ढाई लाख संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, अतिथि विद्वान संघ के प्रदेश संयोजक ने अतिथि विद्वान की नियमितीकरण, प्रदेश के पौने तीन लाख पेंशनर्स को 30 माह के डी ए के 300 करोड़ रूपए का भुगतान किये जाने की, दुग्ध संघों में कार्यरत ठेका श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने, अस्थाई कर्मियों को सातवां वेतनमान देने की और सड़क परिवहन कर्मचारी के रोके गए 11 लाख की मांग राज्य शासन से की है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews