ऊर्जा मंत्री का गोविंद सिंह पर पलटवार, पहले वे अपनी फिक्र करें

ऊर्जा मंत्री का गोविंद सिंह पर पलटवार, पहले वे अपनी फिक्र करें

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। आगामी दिसंबर महीने की 28, 29 और 30 तारीख को आयोजित किये जाने वाले विधानसभा तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र (winter session) पर आपत्ति जताने वाले पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस विधायक डॉ गोविंद सिंह (Former Minister Dr. Govind Singh)के बयान पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar)  ने पलटवार किया है उन्होंने कहा कि डॉ गोविंद सिंह पहले अपनी फिक्र करें, पार्टी उन्हें उनकी बात कहने कहाँ दे रही है।

ग्वालियर में अपने विधानसभा क्षेत्र कि जनता से मुलाकात करने निकले ऊर्जा मंत्री एवं ग्वालियर विधानसभा के विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar)ने विधानसभा के तीन दिवसीय शीत कालीन सत्र पर आपत्ति जताने वाले पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह (Former Minister Dr. Govind Singh) को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़ी चुनौती कोरोना से बचाव है। यदि हम सब बचेंगे तभी राजनीति कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि डॉ गोविंद को चिंता है कि तीन दिन में जनता के मुद्दों पर बात नहीं हो सकती , मैं कहता हूँ 3 दिन में भी जनता से जुड़े मुद्दे उठाये जा सकते हैं लेकिन डॉक्टर साहब पहले ये बताएं कि उनकी पार्टी उनको उनकी ही आवाज उठाने कहाँ दे रही है पहले वे अपनी फिक्र करें बाद में जनता की बात करें। ऊर्जा मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि आज कांग्रेस के लोग ही गोविंद सिंह के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं उधर कमलनाथ भी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी नहीं छोड़ना चाहते। ये सब चल रहा है कांग्रेस में पहले वे इसकी चिंता करें।

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह सहित अन्य कांग्रेस नेताओं को ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश पर निशाना बनाये जाने के आरोपों का जवाब देते हुए प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ये आरोप वे लगा रहे हैं जिनके हाथों से सत्ता चली गई। उन्होंने मप्र में अंग्रेजों की तरह लूट मचा दी थी चूंकि सिंधिया जी ने उनकी लूट को रोक दिया इसलिए वे अनर्गल आरोप लगा रहे हैं यदि उन्हें प्रशासन की कार्रवाई पर शक है तो कोर्ट जाएं। क्या उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर भी भरोसा नहीं रहा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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