GREEN ZONE में विस्फोट, एक साथ 3 कोरोना पॉजिटिव, प्रशासन मे हड़कंप

GREEN ZONE में विस्फोट, एक साथ 3 कोरोना पॉजिटिव, प्रशासन मे हड़कंप

भोपाल/सीधी।

लॉकडाउन थ्री (lock down 3.0) खत्म खत्म होने की ओर है लेकिन मध्यप्रदेश (madhypradesh)में कोरोना वायरस (corona virus)के मामले कम होने का नाम नही ले रहे है। ग्रीन जोन वाले सीधी जिले में (Sidhi district) में फिर 3 नए कोरोना (corona) पॉजिटिव मिलने से प्रशासन की नींद उड़ गई है। बता दे कि यह पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह (Former Leader of Opposition Ajay Singh)का गृह जिला है।

दरअसल, यहां तीन नए कोरोना पॉजिटिव के मिलने से मरीजों की संख्या चार हो गई है। ये चारों श्रमिक है जो कुछ दिन पहले मुंबई से आए थे ।ये सभी जिले के कोलूडीह, बढ़ौना और ददरी गांव के निवासी हैं। इन्हें अस्पताल प्रबंधन द्वारा 10 मई को क्वारंटारन किया गया था। गुरुवार के सुबह रिपोर्ट आने के बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है।

इससे पूर्व दो दिन पहले जिले के ग्राम कोल्हूडीह के एक निवासी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। बताया जा रहा है कि युवक 8 मई को मुंबई से सीधी वापस आया था और सीधे ही अपने घर चले गया था। ग्राम वासियों की सूचना के आधार पर मोबाइल मेडिकल यूनिट के द्वारा तत्काल 9 मई उनके घर पर पहुंचकर जांच की गई। कोरोना संदिग्ध होने के कारण उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन करते हुए उनकी कोविड-19 की सैंपलिंग की गई, 11 मई को प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए। कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि होते ही उन्हें रात में ही क्वारंटाइन केंद्र से नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जा चुका था। वही अबतक ग्रीन जोन में रहे जिले में कोरोना पॉजिटिव के मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews