ट्रंप के भारत दौरे से पहले सोशल मीडिया पर छाई ये लेडी कांस्टेबल, जमकर हो रही तारीफ

ट्रंप के भारत दौरे से पहले सोशल मीडिया पर छाई ये लेडी कांस्टेबल, जमकर हो रही तारीफ

वडोदरा।

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलेनिया ट्रंप के भारत दौरे के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जमकर वायरल हो रही है। यह तस्वीर गुजरात के अहमदाबाद की एक महिला कॉन्स्टेबल संगीता परमार की है। इसमें थाने में पेड़ के तने में दुपट्टा बांध पालना बनाकर वो ड्यूटी पर ही बच्चे को खिलाती हुई नजर आ रही है। संगीता मां की ममता का फर्ज निभाते हुए पूरी शिद्दत से अपनी ड्यूटी भी निभाती हुई नजर आ रही है। हैं। उनके जज्बे को देख लोग सैल्यूट कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर संगीता की जमकर तारीफ हो रही है।

दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को अहमदाबाद के दौरे पर आ रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी व डोनाल्ड ट्रंप का विश्व के सबसे बड़े मोटेरा स्टेडियम में 1.10 लाख लोगों की उपस्थिति में अभिनंदन कार्यक्रम रखा गया है। इस कारण जमीन से आसमान तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पिछले एक हप्ते से राज्यभर की पुलिस अहमदाबाद में ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात है। संगीता गुजरात के वडोदरा शहर के गोरवा पुलिस थाने में पदस्थ है। परमार को फिलहाल अहमदाबाद में ‘नमस्ते ट्रम्प’ कार्यक्रम के लिए तैनात किया गया है।

बेटे को आंख में इंफेक्शन लेकिन अधिकारियों ने एक ना सुनी
संगीता को 19 फरवरी को आदेश मिला था कि उन्हें ट्रम्प के कार्यक्रम में बंदोबस्त के लिए अहमदाबाद जाना है। आदेश मिलने पर संगीता ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से एक साल के बेटे की आंख में इंफेक्शन की बात बताई। लेकिन फिर जिम्मेदारी समझते हुए वह बेटे को लेकर उसी रात अहमदाबाद पहुंच गईं। यहां संगीता की तैनाती रायचंद नगर रोड पर है। यहीं उन्होंने बेटे के लिए पेड़ से कपड़े का झूला बांधा है। ड्यूटी के साथ-साथ वह बेटे का ध्यान भी रख रही हैं। ट्रम्प के कार्यक्रम के लिए वडोदरा से 500 जवान बुलाए गए हैं।

दोनों फर्ज निभा रही संगीता
इस पर संगीता का कहना है कि यह मुश्किल है लेकिन मेरी जिम्मेदारी एक मां और एक पुलिसकर्मी दोनों के रूप में है लिहाजा मुझे इस ड्यूटी को निभाना है। मेरा बच्चा अभी ठीक नहीं है इसलिए मुझे उसे अपने साथ लेकर आना पड़ता है। मैं उसे यहीं पर अपना दूध पिलाती हूं। ड्यूटी के दौरान बेटा परेशान करता है। कई बार फीडिंग कराने में मुझे भी दिक्कत होती है। लेकिन मैं अपनी जिम्मेदारियों को पूरी करने की कोशिश करती हूं।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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