लॉकडाउन का उल्लंघन कर खेल रहे थे जुआ, पुलिस ने निकाला जुलूस

लॉकडाउन का उल्लंघन कर खेल रहे थे जुआ, पुलिस ने निकाला जुलूस

हरदा।जितेंद सिंह साध।

एक और जहाँ लोग कोरोना(corona)  संक्रमण(infection) महामारी(pandemic) के कारण घरो में कैद तो दूसरी और प्रशासन(administration) के निर्देश को नजरअंदाज करने की कोशिश करते है । जिले के पुलिस थाना टिमरनी में लॉकडाउन(lockdown) के दौरान जुआ खेलते पकड़ाये है। टिमरनी नगर के तहसील ऑफिस के पास जुआ खेलते 4 जुआरियों को पकड़ा इनके पास से 1150 रूपए नगद व 52 ताश के पत्ते जप्त किए गए।

इस दौरान लॉक डाउन का उल्लंघन कर जुआ पर पुलिस ने धारा 13 जुआ एक्ट व 188 भा द वि के तहत प्रकरण कायम किया गया है। मामले में ख़ास बात ये रही कि कार्यवाही में थाना पुलिस द्वारा आरोपियों का नगर के मुख्य मार्ग पर जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी ये कहते सुनाई दे रहे है की “जुआ खेलना पाप है, पुलिस हमारी बाप है” मामले में पुलिस ने इस्माइल खान पिता मुन्ना खान उम्र 36 साल, हमीद खान पिता सीकदार खान उम्र 52 साल, अमन बोरासी पिता महेश बोरासी 24 साल, रमेश पिता ओमकार माली 44 साल टिमरनी निवासी को गिरफ्तार किया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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