दूल्हे की गुहार-“दुल्हन तो बाद में ले आऊंगा, मेहमानों को घर भिजवा दें”, गुजरात के सीएम से अपील

दूल्हे की गुहार-“दुल्हन तो बाद में ले आऊंगा, मेहमानों को घर भिजवा दें”, गुजरात के सीएम से अपील

खंडवा/सुशील विधानी

लॉकडाउन के बीच हरिद्वार में फंसे गुजरात के 1800 लोगों को गुजरात के सीएम विजय रूपाणी के कहने पर बसों से उनके घर तक पहुंचाया गया। ऐसे में अब गुजरात के ही 25 से 30 लोगों ने एक बार फिर सीएम रूपाणी से मदद की गुहार लगाई हैं। दरसअल ये लोग एक शादी में शामिल होने खंडवा आए थे और लॉकडाउन के चलते यहीं फंस गए हैं। अब उन लोगों के सामने रहने और खाने का संकट मंडराने लगा हैं। ऐसे में ये अपने घर वापस जाना चाहते हैं और इसीलिए इन लोगों ने गुजरात के सीएम विजय रूपाणी से मदद की अपील की हैं। सिर्फ मेहमान ही नहीं मेज़बान भी इन लोगों को इनके घर पहुंचाए जाने की गुज़ारिश कर रहे हैं। ये मेहमान दूल्हे पक्ष के घर आए थे और अब दूल्हे का कहना है कि दुल्हन तो मैं बाद में भी ले आऊंगा लेकिन मेहमानों को उनके घर पहुँचाने का इंतजाम कर दिया जाए।

खेड़ापति हनुमान मंदिर क्षेत्र की तंग और संकरी गली में लॉक डाउन की वजह से बारात में आए बाराती फंसे हुए हैं। ये एक शादी में शामिल होने गुजरात और महाराष्ट्र से आए थे। दरअसल यहाँ रहने वाले जावेद खान का निकाह भोपाल में 25 मार्च को होना था। मेहमान 21 मार्च से ही दूल्हे के घर आ गए और अचानक 24 मार्च की रात पीएम मोदी ने कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉक डाउन का ऐलान कर दिया। ऐसे में शादी की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गई। अब दूल्हा और उसका परिवार मेहमानों की खातिर करते करते परेशान हो गए हैं ।दूल्हे जावेद की माँ कहती है कि जो घर में था सब खिला दिया अब तो मेहमानों को खिलाने के लिये राशन भी नहीं है। ऐसी स्थिति में सरकार की तरफ से भी कोई मदद नहीं मिली है।

इधर गुजरात से आए मेहमान भी अपने घर जाना चाहते हैं, गुलाम खान का कहना है कि वो भी यहां रहकर थक चुके हैं और उन्हें अपने घर लौटना है। गुजरात से आए मेहमानों ने अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से गुहार लगाई है कि उन्हें यहाँ से निकालकर अपने घर भेज दें। गुजरात से आए मेहमान गुलाम खान का कहना हैं कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन से गुजरात जाने की परमिशन मांगी थी लेकिन उन्हें परमिशन नहीं मिली । ऐसे में वे अपने प्रदेश के मुखिया से मदद मांग रहे हैं।

दूल्हा जावेद खुद सरकारी अफसरों से संपर्क कर यहाँ फंसे मेहमानों को उनके घर पहुंचाने की फरियाद कर चुका है, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। अब जावेद के परिवार के पास भी अपने मेहमानों को खिलाने के लाले पड़ गए हैं। ऐसे में उसका कहना है की दुल्हन तो वो बाद में भी ले आएगा लेकिन अभी इन मेहमानों को उनके घर पहुंचने में शासन उसकी मदद कर दें।

इस सब के बीच नगर निगम आयुक्त हिमांशु सिंह का कहना हैं कि कोरोना के चलते वे उन्हें गुजरात जाने की परमिशन नहीं दे सकते। लेकिन उनके लिए खाने की व्यवस्था कर सकते हैं। फिलहाल यहाँ शादी में आकर फंंसे मेहमान अपने अपने घर जाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे है। अब देखना होगा की गुजरात के मुख्यमंत्री रूपाणी क्या इन लोगों के लिए भी शिवराज सरकार से इंतजाम करवाने में सफल होंगे या नही।

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