अस्पताल प्रशासन द्वारा इलाज के लिए वसूली जा रही मोटी रकम, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

अस्पताल प्रशासन द्वारा इलाज के लिए वसूली जा रही मोटी रकम, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

सागर, डेस्क रिपोर्ट

मध्यप्रदेश में एक तरफ जहां कोरोना की रफ्तार तेज है। वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण से इलाज के लिए मोटी रकम वसूली जा रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार के इस पर अंकुश लगाने की कोशिश के बावजूद इसके प्रदेश में एक नया मामला सामने आया है। जहां हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा एसोसिएशन रूम में अनियमितता एवं अत्यधिक जांच के संबंध में एक जांच कमेटी बनाई गई है।

दरअसल मध्य प्रदेश के सागर जिले के भाग्योदय तीर्थ हॉस्पिटल द्वारा सामान्य कोविड के लक्षण के आधार पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर राशि रूपये 8000/- प्रतिदिन के हिसाब से मरीज से बसूले जा रहे है। जो कि मध्यमवर्गीय परिवार के लिए अत्याधिक है। वहीं आइसोलेशन रूम में स्टॉफ द्वारा कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। जा रहा। कर्मचारी पीपीई किट आदि का उपयोग नहीं कर रहें। इसके साथ ही आइसोलेशन रूम में स्टॉफ के अलावा अन्य व्यक्तियों का भी लगातार आना जाना रहता है। जिससे मरीजों की जान का खतरा भी है।

वहीं जिला कलेक्टर के संज्ञान में मामले को लाया गया है। जहां शिकायत आने के बाद कलेक्टर दीपक सिंह ने प्रकरण की जांच हेतु दल गठित किया है। जिसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सागर ने इस कमेटी में .डॉ एनके.सैनी प्रभारी डीएचओ, डॉ. जितेन्द्र शराफ (एमडी) मेडीकल ऑफिसर जिला चिकित्सालय सागर और डॉ. एम.एल.जैन नोडल अधिकारी नर्सिंगहाम एक्ट सागर को रखा है। जो पूरी जांच करेगी।

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