JABALPUR: पॉजिटीव मरीज के संपर्क में आने वाली की लंबी लिस्ट, जिला प्रशासन ने जारी की तलाश

JABALPUR: पॉजिटीव मरीज के संपर्क में आने वाली की लंबी लिस्ट, जिला प्रशासन ने जारी की तलाश

जबलपुर।संदीप कुमार

सराफा के सुशील राठौर के रिपोर्ट आने के बाद हड़कंप मच गया है। सुशील राठौर को पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन अब इनके संपर्क में आए लोगों की तलाश कर रहा है।

हाल ही में राशन दूकान गए थे सुशील राठौर

इस बीच एक चौकाने वाली खबर ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि पूरे शहर के होश उड़ा दिए हैं।जानकारी के मुताबिक सुशील राठौर ने 11अप्रैल को सराफा स्थित राशन दूकान क्रमांक 3316121 महावीर उपभोक्ता भंडार से 10 किलो चावल प्राप्त किया था।हैरानी की बात ये है कि उसी दिन इस राशन दूकान से तीन दर्जन से अधिक लोग राशन लेने पहुंचे थे।अब इस जानकारी के सामने आने के बाद न सिर्फ राशन दुकान संचालक बल्कि दुकान से गल्ला खरीदने वाले तीन दर्जन से अधिक लोगों उनके परिजन और उनके संपर्क में आने वाले कई लोगों को संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

और लंबी हुई संक्रमण की चेन

जबलपुर में कोरोना वायरस संक्रमण की चैन धीरे धीरे लंबी हो सकती है।बहरहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन सभी संदिग्धों की तलाश कर उन्हें क्वारंटाइन करने और उनकी जांच करने की है।

जबलपुर में अभी ये है केसों की स्थिति

जबलपुर जिले में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण के पॉजिटीव मरीजो कि संख्या 13 है इनमें से 6 मरीज ठीक होकर अपने अपने घर भी चले गए है पर अब अचानक सुरेंद्र सोनी के पाजिटिव आ जाने के बाद एक बार फिर ये चेन बढ़ रही है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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