Jabalpur: पुलिस की लापरवाही, इस मामले में नहीं उठाए जा रहे कोई सख्त कदम

Jabalpur: पुलिस की लापरवाही, इस मामले में नहीं उठाए जा रहे कोई सख्त कदम

जबलपुर।संदीप कुमार।

कोरोना वायरस संक्रमण से जहाँ पूरा देश लड़ रहा है तो वही कुछ ऐसे भी लोग है। जिनकी एक छोटी सी लापरवाही से बड़ी घटना हो सकती है।ताजा मामला मध्यप्रदेश के जबलपुर का है। जहाँ रांझी थाना पुलिस की एक लापरवाही बड़ी बीमारी को निमंत्रण दे रही है।रांझी झंडा चौक के पास आज अज्ञात महिला पुरूष झंडा चौक क्षेत्र में आते है और 50 रु का नोट फेककर चले जाते है।इस वारदात को कुछ लोग अपनी आँखों से भी देखते है।स्थानीय लोग जब तक कुछ समझ पाते तब तक वह महिला पुरुष वहाँ से चले जाते है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस आरक्षक को दी सूचना तो स्वयं ही नोट को सेनेट्राइज करने की बात कही आरक्षक ने

रविवार दोपहर जब लोगों ने 50 रु का नोट सड़क पर पड़ा देखा तो तुरंत रांझी थाना में पदस्थ आरक्षक महेंद्र को फोन किया पर आरक्षक ने अपने अधिकारियों को इसकी सूचना देने की वजह यह नसीहत दी की उन लोग नोट को सेनेट्राइज कर कही रख दे।पुलिस के इस गैर जिम्मेदाराना रवैया से स्थानीय लोगो मे आक्रोश व्यपत है।

रांझी थाना प्रभारी सुनील नेमा का ये था तर्क

50 रु के मिले नोट के संबंध में रांझी टीआई सुनील नेमा का कहना था कि झंडा चौक के क्षेत्रीय जन इस माहौल में बेवजह तूल दे रहे हैं। रविवार सुबह बाइक से जा रहे एक व्यक्ति अपने पेंट की जेब से कुछ निकाल रहा था तभी उसकी जेब से 50 का नोट सड़क पर गिर गया जिसे लोगों ने तूल देकर तरह तरह के वीडियो जारी कर दिए।

जबलपुर में कोविड-19 के पॉजिटीव संख्या पहुँची 59

जबलपुर में अभी तक कोरोना वायरस पॉजिटीव केसों की संख्या 59 पहुँच गई है।बीते दो दिनों के भीतर जबलपुर में 28 केस सामने आए है जबकि 8 लोग स्वास्थ्य होकर अपने घर जा चुके है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews