जबलपुर से राहत भरी खबर, कोरोना संक्रमित एक और मरीज हुआ ठीक

जबलपुर से राहत भरी खबर, कोरोना संक्रमित एक और मरीज हुआ ठीक

जबलपुर।संदीप कुमार।
कोरोना वायरस संक्रमण को हराने के बाद आज जंग जीतकर पलक अपने घर जा रही है पलक अग्रवाल की करुणा वायरस पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद से उसे मेडिकल कॉलेज के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था जहाँ उसके माता-पिता भी कोरोना पॉजिटीव मरीज होने के चलते भर्ती थे।

दो दिन पहले माता-पिता और आज पलक ने भी कोरोना वायरस को हराया….
पलक अग्रवाल के पिता जेवलर्स संचालक मुकेश अग्रवाल और उनकी माँ को भी कोरोना पॉजिटीव रिपॉर्ट आने के बाद मेडिकल कालेज में भर्ती किया था जहाँ दो दिन पहले ठीक होने के पश्चात उनकी छुट्टी कर दी गई थी।इसी कड़ी में आज पलक अग्रवाल को भी ठीक होने के बाद घर भेज दिया गया….
आईसोलेशन वार्ड से निकलने के बाद पलक के चेहरे में थी खुशी…..
करीब 17 दिनो से ज्यादा समय तक मेडिकल कालेज के आईसोलेशन वार्ड में रहने वाली पलक अग्रवाल की जब रिपोर्ट आज निगेटिव आई तो वह बहुत खुश थी।वार्ड से बाहर निकलने के बाद पलक ने कहा कि सरकारी अस्पताल मेडिकल कॉलेज में इतने दिनों तक जिस तरह से ईलाज हुआ है वो अविस्मरणीय है क्योंकि आम तौर पर सरकारी अस्पताल में ईलाज को लेकर हमेशा ही सवाल उठते है पर कोरोना वायरस से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर-आक्सीजन और हर उपकरण पर्याप्त मात्रा में थे यही वजह है कि लोग जल्द से जल्द ठीक भी हो रहे है।

अभी पाँच केस और है कोरोना पीजिटिव……
जबलपुर जिले में अभी तक 250 से ज्यादा लोगो के कोरोना टेस्ट किए गए है जिसमे की जेवलर्स संचालक मुकेश अग्रवाल के परिजनों सहित 10 लोग पॉजिटीव निकले है जिसमे की आज इंदौर से आये पत्थरबाज का केस भी शामिल है।बाकी के सभी कोरोना वायरस पॉजिटीव को अभी मेडिकल कॉलेज के आईसोलेशन वार्ड में रखकर उनका ईलाज किया जा रहा है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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