Jabalpur: लॉकडाउन के बीच ये शिक्षक कुछ इस तरीके से कर रहें मानव सेवा

Jabalpur: लॉकडाउन के बीच ये शिक्षक कुछ इस तरीके से कर रहें मानव सेवा

जबलपुर।संदीप कुमार

कोरोना संकट का सामना कर रहे गरीब और असहाय परिवारों की मदद के लिए बड़ी संख्या में समाज सेवी सामने आ रहे हैं और वे नए-नए तरीकों से सेवा के कार्य कर रहे हैं। जबलपुर में कोचिंग संचालित करने वाले पराग दीवान नाम के शिक्षक अपने सेवा के अनूठे तरीके से इन दिनों खासी सुर्खियां बटोर रहे हैं।

दिवंगत माँ की याद में बाट रहे है गरीबो को मच्छरदानी

शिक्षक अपनी दिवंगत मां की याद में रात को घर से निकल जाते हैं और उन इलाकों में पहुंच जाते हैं जहां गरीब असहाय और भीख मांगकर गुजारा करने वाले परिवार डेरा जमाए रहते हैं। रात के अंधेरे में जब ऐसे लोग नींद की आगोश में रहते हैं तो पराग दीवान उन पर उच्च क्वालिटी के मच्छरदानी का कवच ओढ़ाने लगते हैं। इसके पीछे उनकी मंशा है कि घर की चहारदीवारी में कैद परिवार तो मच्छरों से महफूज रहते हैं लेकिन जो खुले आसमान के नीचे रातें गुजार रहे हैं वे मच्छरों के काटने से बीमार हो सकते हैं लिहाजा उनकी चिंता करते हुए पराग दीवान लगातार सेवा भाव से गरीब परिवारों को मच्छरदानी का कवच प्रदान कर रहे हैं।

नर्मदा तट में तीन सौ से ज्यादा लोगो को बाटी मच्छरदानी

शिक्षक पराग दीवान नर्मदा तट के ग्वारीघाट में गरीबों और बेसहारों को मच्छरदानी में सोते का एक वीडियो भी वायरल है जिसमें इस तरह के प्रयास की हर तरफ से सराहना हो रही है। जबलपुर में पराग सर के नाम से चर्चित पराग दीवान के सेवा भाव से गरीब परिवार खासे खुश हैं।

सिर्फ मच्छरदानी ही नही दो वक्त का खाना भी खिला रहे है पराग दीवान

गरीब परिवारों को पराग दीवान मच्छरदानी तो दे ही रहे हैं साथ ही उनके लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम भी वे अपनी तरफ से ही करा रहे हैं। उनके इस सेवा भाव से प्रभावित होकर इसका लाभ पाने वाले गरीब परिवार उन्हें भरपूर आशीर्वाद देते हैं।

पहले भी निःशुल्क शिक्षा दे चुके है पराग दीवाना

जबलपुर में कोचिंग का संचालन करने वाले पराग दीवान अपने सेवा भावना के कारण खास पहचान रखते हैं। इसके पहले भी वे गरीब परिवारों  से जुड़े बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के अभियान से जुड़े रहे हैं।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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