खरगोन: लॉकडाउन के उल्लंघन पर प्रशासन सख्त, नियम तोड़ने वाले को इस तरह मिल रही सजा

खरगोन: लॉकडाउन के उल्लंघन पर प्रशासन सख्त, नियम तोड़ने वाले को इस तरह मिल रही सजा

खरगोन।त्रिलोक रामणेकर

पूरे देश में कोरोना महामारी भयंकर रूप लेते जा रही हैं। जिसको लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के साथ प्रशासन भी लोगो से घर पर रहने की हिदायत दे रहे है।लोगो से बाहर नही निकले की बारबार अपील कर रहे हैं। उसके बावजूद नागरिक समझ नही पा रहे है।

मध्यप्रदेश के जिला खरगोन में प्रशासन ने लॉक डाउन के चलते कर्फ्यू लगाया है। उसके बाद भी शहर के ओरंगपुरा चौराहे पर पुलिस ने एक घूमने वाले युवक को पकड़ा और उसे हिदायत देते हुए युवक से समाज का दुश्मन हूँ। बुलवाते हुये उठक-बैठक लगवाई ओर घर से बाहर नही निकलने का बुलवाया गया। जिसके बाद पुलिस द्वारा उस युवक को चेतवानी देकर छोड़ा गया ।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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