लक्ष्मण सिंह ने किसके खिलाफ खोला मोर्चा, कहा- करूंगा आंदोलन

लक्ष्मण सिंह ने किसके खिलाफ खोला मोर्चा, कहा- करूंगा आंदोलन

गुना।विजय कुमार जोगी।

हमेशा अपने बयान और अपनी अलग छवि के लिए जाने वाले चाचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह ने एक बार फिर आप प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किये हैं। चाचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में किसान एवं मजदूरों से मुंह मांगे ब्याज पर लोग कर दे देकर मोटी रकम वसूल रहे हैं। इन लोगों के खिलाफ अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई प्रशासन ने नहीं की गई है। अगर जल्द से जल्द ब्याज लेने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करूंगा।

साथ ही लक्ष्मण सिंह ने वीडियो कॉलिंग के जरिए भी 1 दर्जन से अधिक किसानों से पंचायत बार चर्चा भी की है। बता दें कि पिछले 1 महीने से लोक डाउन चलते लक्ष्मण सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र में नहीं आ पा रहे हैं। ना ही दौरा कर रहे हैं जिसके चलते लक्ष्मण सिंह ने चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के लोगों से वीडियो कॉलिंग के जरिए पंचायत वार चर्चा कर रहे हैं। आज जब किसानों से चर्चा हुई इस बात का खुलासा हुआ कि चाचौड़ा और बीनागंज क्षेत्र मैं बड़े पैमाने पर मुंह मांगा ब्याज वसूलने की घटना जारी है। उसके खिलाफ प्रशासन और पुलिस महकमा अभी तक हरकत में नहीं आया है। जिसको लेकर लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि इन सभी की सूची बनाकर प्रशासन को जल्द से जल्द पहुंचाई जाए और प्रशासन और पुलिस भारी भरकम ब्याज वसूलने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें नहीं तो मैं आंदोलन करूंगा।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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