लॉकडाउन ने जिम संचालको की तोड़ी कमर, जल्द निष्कर्ष नही निकला तो हो जाएंगे बर्बाद

लॉकडाउन ने जिम संचालको की तोड़ी कमर, जल्द निष्कर्ष नही निकला तो हो जाएंगे बर्बाद

जबलपुर।संदीप कुमार।

कोरोना वायरस(coronavirus) के चलते लगे लॉकडाउन(lockdown) ने जिम संचालको(Gym operators) की कमर तोड़ दी है।तीन माह से बंन्द जिमो(gym) में आज धूल पसरी है। कुछ दिन और अगर यही हालात रहे तो 20 से 25 प्रतिशत जिम बंन्द हो जाएंगे।जिम बंन्द होने से घरों में फॅसे वो लोग जो कि फिटनेस(fitness) के लिए जिम नही जा पा रहे है वो भी आए दिन चोट का शिकार हो रहे है।इसको लेकर जिम संचालको ने शासन से निवेदन किया है कि जल्द ही जिम खोलने की अनुमति उन्हें दी जाए।

लॉक डाउन के पहले ही बंद हो गए थे जिम

कोरोना वायरस के कारण लगे लॉक डाउन में सबसे पहले जिला प्रशासन ने जिम को ही बंद करवाया था।16 मांर्च के बाद से बंद जिमो में आज सन्नटा पसरा हुआ है।ये मशीन जो कि लोगो के फिटनेस में सहायक होती थी आज वही मशीन अपनी फिटनेश के लिए ही तरस रही है।जिम में आज कोई नही आ रहा है मशीन वैसी की वैसी रखी हुई है।जिम संचालक भी खून के आँसू रो रहे है।मध्यप्रदेश के कई जिलों में जिम संचालित करने वाले संजय कुमार को आज कोई भी रास्ता नही सूझ रहा है।करोड़ो रु का लोन लेकर जिम संचलित करने वाले संजय कुमार के सभी जिम लॉक डाउन के चलते तीन माह से बंन्द पड़े हुए है।

जबलपुर में 100 से 125 जिम होते है संचलित, जल्द निष्कर्ष नही निकला तो हो जाएंगे बर्बाद

जिम संचालक संजय कुमार की माने तो आज वर्तमान में जबलपुर शहर के भीतर 100 से 125 जिम संचालित हो रहे है जिसमे की करोडो रु संचालको का लगा हुआ है।आज तीन माह होने को है पर सरकार इसको लेकर कोई गाईडलाइन नही बना पाई है कि जिम कब से खुलेंगे।

जिम बंन्द होने के कारण हो रहे है हादसे

स्मार्ट जिम संचालक संजय कुमार बताते है कि जब से जिम बंद हुआ है तब से आए दिन लोगो के साथ हादसे हो रहे है किसी की कमर मे जर्क आ रहा है तो कोई खींचाव के कारण परेशान है।लोग एक्सासाइज न करने के कारण बीमार भी हो रहे है ऐसे में जिनको घर पर ही प्रेक्टिस करना हो वो लाखो रु की मशीन घर पर खरीद कर रख भी नही सकते है। फिटनेस करने वाले भी चाह रहे है कि जल्द ही जिम खुले।

अभी नही है सरकार की कोई गाइडलाइन

संजय कुमार ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानो को छूट दी जा रही है पर सरकार जिम संचालको की मांगे को लेकर कोई कदम नही उठा रही है न ही इसके लिए कोई गाईडलाइन बनी हुई है लिहाजा ऐसी स्थिति में जिम संचालको के हालात बिगड़ रहे है।

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