Lockdown: उज्जवला लाभार्थिंयों के बैंक खातों में पहुंची राहत राशि 

Lockdown: उज्जवला लाभार्थिंयों के बैंक खातों में पहुंची राहत राशि 

सीहोर।अनुराग शर्मा।

कोरोना के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए केन्द्रीय सरकार ने 25 मार्च से देश में 21 दिन के लॉकडाउन लागू किया था, इस स्वास्थ्य आपदा के दौरान स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधि एवं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता आम व्यक्तियों, गरीबों और वंचितों के लिए विभिन्न राहत कार्य कर रहे हैं। इस सम्बन्ध में भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मालवीय ने बताया कि वह प्रदेश नेतृव्य और जनप्रतिनिधियों से निरंतर संपर्क में हैं तथा आम व्यक्तियों को लॉकडाउन के दौरान किसी प्रकार की समस्या न इसके लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

भाजपा जिला प्रवक्ता राजकुमार गुप्ता ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान समाज के वंचित वर्गों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 1.7 लाख करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया था। इसके तहत प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत लाभार्थियों को 3 माह तक मुफ़्त एलपीजी सिलिंडर देने की घोषणा की थी। इसकी राशि लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित कर दी गई है जिसे वह गैस एजेंसियों को भुगतान करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस सम्बन्ध में जिला अध्यक्ष रवि मालवीय ने कहा है इसका लाभ लगभग 1.5 लाख व्यक्तियों को प्राप्त होगा। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से घरों में रहने और विभिन्न योजनाओं के लाभ लेने के लिए बाहर जाने पर सोशल डिस्टेंस का अनुपालन करने का आग्रह किया है। इस दौरान सीहोर विधायक सुदेश राय, इछावर विधायक करण सिंह वर्मा और आष्टा विधायक रघुनाथ मालवीय ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए क्षेत्र की जनता से मुलाकात की और उनकी समस्याओं का निराकरण किया। इसके साथ ही सभी लोगों से लॉकडाउन के नियमों और सरकार के निदेशोज़्ं का पालन करने की अपील भी की।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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