Twitter पर जमकर ट्रोल हुए ”महाराज”

Twitter पर जमकर ट्रोल हुए ”महाराज”

भोपाल।

कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी का दामन थामने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इन दिनों ट्विटर पर जमकर ट्रोल हो रहे हैं। सिंधिया जैसे ही ट्विटर पर कोई पोस्ट करते हैं, एक के बाद एक करके लोग उसकी आलोचना करने लगते हैं।

सोमवार को सिंधिया ने अपना एक पोस्टर तिलक लगे और भगवा गमछा डाले हुए जलियांवाला बाग नरसंहार की शहीदों को नमन करते हुए डाला ।सिन्धिया ने उसमें लिखा कि “अपने प्राणों की आहुति देकर भारत की स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त करने वाले जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को मेरा कोटि-कोटि नमन।” बस फिर क्या था, सिंधिया की आलोचना की मानो लाइन लग गई ।

किसी ने लिखा कि सुना है रानी लक्ष्मीबाई की हार का कारण सिंधिया ही थे, क्या यह सत्य है? तो किसी ने सवाल खड़ा कर दिया कि मुखबिरी किसने की यह भी बताओ महाराज ।किसी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि कमल खिल रहा है आप पर तो किसी ने पहले वाले तिरंगे को बेहतर बता दिया ।एक आलोचक ने तो जालियांवाला बाग हत्याकांड तक के लिए सिंधिया के पूर्वजों को दोषी ठहरा दिया। यह पहला मौका नहीं जब सिंधिया ट्विटर पर ट्रोल हुए हो। आमतौर पर कांग्रेस में रहते हुए सिंधिया अच्छी खासी लोकप्रियता पाए जाने वाले नेता थे लेकिन जब से उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की है सोशल मीडिया पर उनके आलोचकों की संख्या अधिक बढ़ गई है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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