गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने मिर्ची बाबा ने अपने खून से लिखा पत्र

गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने मिर्ची बाबा ने अपने खून से लिखा पत्र

ग्वालियर।अतुल सक्सेना

स्वामी वैराग्यानंद उर्फ मिर्ची बाबा ने ग्वालियर में धरना देकर अपने खून से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर गौ माता पर अत्याचार बंद कर उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने और महिलाओं बेटियों पर बढ़ते अपराध रोकने की मांग की है।

मिर्ची बाबा ने गुरुवार को ग्वालियर में फूलबाग चौराहे पर संतों और अपने समर्थकों के साथ धरना दिया । यहाँ मिर्ची बाबा ने अपना खून निकलवाकर उससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा और मांग की कि गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। मिर्ची बाबा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मांग की कि गौ माता पर अत्याचार और महिलाओं , बेटियों पर बढ़ते अपराध रोके जाये। मिर्ची बाबा ने कहा कि यदि हमारे खून से लिखे पत्र पर भी कोई एक्शन सरकार नहीं लेती तो संत समाज दिल्ली में एक बड़ा आंदोलन करेगा।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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