मुरैना: “भाषण नहीं राशन दो, आर्थिक सहायता या नगदी दो ” के साथ लोगों ने लगाए नारे

मुरैना: “भाषण नहीं राशन दो, आर्थिक सहायता या नगदी दो ” के साथ लोगों ने लगाए नारे

मुरैना।संजय दीक्षित

कैलारस, सबलगढ़ में वामपंथी जन संगठनों के देशव्यापी आव्हान पर ” भाषण नहीं राशन दो ” “आर्थिक सहायता या नगदी दो “की मांग को लेकर देशव्यापी विरोध करने की कार्यवाही करने का आह्वान किया गया। इसी कड़ी में मुरैना जिले में 1 सैकड़ा से अधिक स्थानों पर वामपंथी जन संगठनों ने अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू, भारत की जनवादी नौजवान सभा, एसएफआई ,अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया हैं।

विरोध जताते हुई सोशल डिस्टेंस(social distance) व प्रोटोकॉल(protocol) का पालन भी किया गया हैं। ज्यादातर स्थानों पर घर के दरवाजों से, छतों से, बालकनी से , पोस्टर(poster) लेकर भाषण नहीं राशन चाहिए। आर्थिक सहायता या नगदी दो सहित तमाम सारी मांगों(Demand) को लेकर नारे(Slogans) बुलंद किए गए। इस मौके पर किसान सभा के कार्यालय किसान भवन पर किसान नेताओं ने एकत्रित होकर नारेबाजी की। किसान नेताओं ने कहा कि लोक डाउन के चलते खेती का कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समय पर फसल की कटाई नहीं हो पा रही है। यहां तक कि सरसों व गेहूं की फसल समर्थन मूल्य पर नहीं बिक पा रही है। जिससे किसानों को घाटा उठाना पड़ रहा है । सभी तरह की आर्थिक गतिविधियां(economic activities) बंद होने से मजदूर पूरी तरह बेरोजगार हो गए हैं।

उनके सामने भुखमरी का संकट निर्मित हो गया है। वामपंथी जन संगठनों ने किसानों की फसल समर्थन मूल्य पर बिक्री के साथ-साथ गरीब मजदूर दलित को 35 किलो राशन, जीवन उपयोगी वस्तुएं प्रदाय करने तथा गैर आयकर दाताओं को 7500 रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने सहित कई मांगे उठाई हैं। इस मौके पर मध्यप्रदेश(madhya pradesh) किसान सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष अशोक तिवारी, छात्र नेता एसएफआई के प्रांतीय सचिव राजवीर सिंह, जनवादी महिला समिति की ओर से सुमन शर्मा, झुंडपुरा में पूर्व पार्षद आदिराम आर्य सहित वरिष्ठ नेताओं ने अपने घरों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया हैं।

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