MP: लॉकडाउन के बीच बिना पंडित के ही दूल्हा-दुल्हन ने लिए सात फेरे

MP: लॉकडाउन के बीच बिना पंडित के ही दूल्हा-दुल्हन ने लिए सात फेरे

शाजापुर।

विश्व में फैली महामारी के बाद भारत में 21 दिन का लॉक डाउन घोषित किया गया है। जिसके बाद सभी तरह के आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। इसी बीच मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में एक विवाहित जोड़े ने इस तरह से अपनी सारी संपन्न की कि वह समाज के लिए एक मिसाल है। यह जोड़ी ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ सरकार के निर्देशों का भी पालन किया। शादी में केवल घर के कुछ लोग शामिल हुए। जहां सबसे खास बात यह है कि यह शादी बिना पंडित के हुई।

दरअसल शाजापुर के काशी वाला क्षेत्र में रहने वाली लड़की भावना की शादी शाजापुर के ही चंदन से होनी थी। जहां दूल्हा चंदन 5 लोगों के साथ बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचा।किंतु लॉक डाउन होने की वजह से कोई भी पंडित शादी करवाने नहीं पहुंच सका जिसके बाद किसी तरह रीति-रिवाजों के साथ इन दोनों ने एक दूसरे को जयमाला पहनाई और फेरे ले लिए। दूल्हा दुल्हन के अनुसार उन्होंने शादी की पूरी तैयारी कर ली थी। शादी के निमंत्रण पत्र भी बंट चुके थे। किंतु प्रदेश में तेजी से फैल रहे कोरोना को देखते हुए 21 दिन का लॉक डाउन घोषित कर दिया गया। जिसके साथ ही साथ प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करने के निर्देश जारी कर दिए। किंतु मान्यताओं एवं परंपराओं केवी शादी को रोकना संभव नहीं हो सकता था। इसलिए परिवार के चंद लोगों की मौजूदगी में यह शादी रचाई गई। सिर्फ 5 लोगों के साथ दूल्हा चंदन दुल्हन भावना के घर बारात लेकर पहुंचा।एक दूसरे से विवाह के बंधन में बनने के बाद दूल्हे दुल्हन ने कहा कि निश्चय ही इस खास मौके पर दोस्तों एवं रिश्तेदारों के ना आने का मलाल रह गया किंतु उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अपने घर में रहे। सोशल डिस्टेंस को मेंटेन करें एवं सरकार के निर्देशों का पालन करें।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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