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MP उपचुनाव 2020 : कांग्रेस में चार सीटों को लेकर फंसा पेंच, कमलनाथ करेंगे बैठक

Written by:Gaurav Sharma
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MP उपचुनाव 2020 : कांग्रेस में चार सीटों को लेकर फंसा पेंच, कमलनाथ करेंगे बैठक

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर होने वाले MP उपचुनाव (By-election) को लेकर कांग्रेस (Congress) अब तक 24 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है, लेकिन शेष चार सीटों पर पेंच फंस गया है| शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव मुकुल वासनिक (Mukul Vasanik) भोपाल में दावेदारों से चर्चा कर चुके हैं, लेकिन अब तक आम राय न बनपाने के कारण प्रत्याशियों की घोषणा नहीं हो सकी है| कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Kamalnath) आज रात इसी को लेकर बैठक करेंगे| वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुकुल वासनिक भी जुड़ेंगे| बैठक में प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है|

दरअसल, शेष सीटों में मुरैना, मेहगांव, बड़ामलहरा और ब्यावरा सीट शामिल हैं, जहां ज्यादा उम्मीदवार को लेकर घमासन मचा हुआ है| मामला दिल्ली तक पहुंच चुका है| शुक्रवार को कांग्रेस कार्यालय में लम्बी बैठक चली| जिसके बाद यह माना जा रहा था कि शनिवार को सूची जारी हो सकती है| लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया है| जिसके बाद अब कमलनाथ प्रत्याशियों के चयन पर अंतिम बार मंथन करेंगे| इसमें आम राय बनाने की कोशिश की जायेगी| इसके साथ ही जिन सीटों पर प्रत्याशियों का विरोध हो रहा है उसको लेकर भी विचार किया जा सकता है|

सबसे ज्यादा घमासान मेहगांव सीट को लेकर है। यहां टिकिट के लिए कई दिग्गज दावेदार मैदान में हैं। चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी के नाम पर पार्टी के ही कई वरिष्ठ नेताओं का विरोध सामने आने के बाद स्थिति गड़बड़ाई हुई है| वहीं पूर्व विधायक हेमंत कटारे का नाम भी सामने आया है। इसके अलावा पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह भी अपने भांजे राहुल सिंह भदौरिया को टिकट दिलाने की कोशिश में हैं|

विधायक गोवर्धन सिंह दांगी के निधन से खाली हुई राजगढ़ जिले के ब्यावरा सीट पर भी कश्मकश जारी है| वहीं विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी के त्यागपत्र के बाद खाली हुई छतरपुर जिले की बड़ामलहरा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के चयन को लेकर पेंच फंसा है। यहां मुद्दा जातिगत समीकरण का है| वहीं
विधायक रघुराज कंसाना के इस्तीफे के बाद मुरैना सीट पर कांग्रेस के दो प्रबल दावेदार राकेश मावई और दिनेश गुर्जर के बीच प्रत्याशी चयन को लेकर कशमकश की स्थिति बन गई है।

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