Weather Update: मंगलवार से फिर मप्र में लगेगी झमाझम की झड़ी, नए सिस्टम बनने के आसार

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
मध्यप्रदेश में तीन दिन से जारी झमाझम बारिश का दौर थम गया है, हालांकि रिमझिम का दौर जारी है, लेकिन मौसम विभाग ने मंगलवार को फिर नए सिस्टम के बनते ही दूसरा दौर शुरु होने की संभावना जताई है।विभाग की माने तो बंगाल की खाड़ी में सोमवार को बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र से मंगलवार को पूर्वी मप्र में कुछ बरसात हो सकती है। बुधवार-गुरुवार से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बरसात होने की उम्मीद है।रविवार को रतलाम में 26, गुना में 10, सतना में 7, होशंगाबाद में 6, छिंदवाड़ा में 5, पचमढ़ी, उमरिया में 4, खजुराहो में 2.8, उज्जैन में 2, इंदौर, जबलपुर में 1.2, सीधी, मंडला, धार में 1 मिमी. बारिश हुई। ग्वालियर और भोपाल में बूंदाबांदी हुई। आज प्रदेश के कई जिलों में बौछार के आसार है, मंगलवार से बारिश का दूसरा दौर शुरु होने के आसार है।आज सोमवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में हल्की बौछारे पड़ने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग की माने तो प्रदेश के अधिकांश इलाकों में झमाझम बारिश के बाद कम दबाव का क्षेत्र अब राजस्थान के मध्य में पहुंच गया है। इससे प्रदेश में बौछारें पड़ने का सिलसिला थम-सा गया है। सोमवार को बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है।इसके प्रभाव से मंगलवार से प्रदेश में बरसात का नया दौर शुरू होने के आसार हैं। यदि यह सिस्टम पश्चिम की ओर बढ़ा और ठहरा तो 26 और 27 अगस्त को भोपाल के साथ ही प्रदेश भर में बारिश हो सकती है। फिलहाल ऐसा लग रहा है कि सिस्टम उतना स्ट्रांग नहीं है, जितना 19 अगस्त को स्ट्रांग सिस्टम बना था।

पिछले चौबीस घंटे की बात करे तो तीन दिनी बारिश से नदी-नाले उफान पर है, बांधों के गेट खोले जा चुके है, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है, फसलें चौपट जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो चला है। इंदौर में लगातार बारिश से मौसम का कोटा पूरा हो गया। जिले में अब तक 32 इंच बारिश हो चुकी है, अब पांच इंच बारिश भी होगी तो सामान्य मानी जाएगी, जबकि पांच इंच से ज्यादा होने पर सामान्य से अधिक मानी जाएगी।शहर में कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है, नदी-नाले उफान पर आ गए है।निचले इलाकों में भी पानी भरने लगा है।वही एक हादसा भी हो गया। भोपाल से आए पिता को लेने जा रहे दो भाई एक्टिवा सहित ढाबली से मांगलिया के बीच नाले में बह गए। इसमें एक की मौत हो गई। मृतक सहवाग (13) पिता भगवान सिंह जोगी है। भोपाल की बात करे तो बीते 3 दिनों में 38 इंच बारिश हुई है, जिसके बाद बारिश का आंकड़ा भोपाल जिले में 26 इंच से बढ़कर 38इंच पर पहुंच गया है, यानी सीजन के कोटे से अब सिर्फ साढ़े 5 इंच कम है।राजगढ़ जिले में दो दिन झमाझम बारिश से मोहनपुरा बांध के शनिवार को 12 गेट खोले जाने के बाद नेवज नदी का जलस्तर बढ़ गया है, इस कारण नदी किनारे के 33 गांवों में अलर्ट जारी है। वहीं छोटे पुल पर पानी ऊपर से बहने के कारण आवाजाही बंद हो गई है। इससे कालीपीठ क्षेत्र के लगभग 100 गांवों के लोगों का संपर्क राजगढ़ से टूट गया है। इसी पुल से आवाजाही करते हैँ। अब उन्हें राजगढ़ आने के लिए बड़े पुल से आना-जाना पड़ेगा।

नदी-नाले उफान पर, गांवों का संपर्क टूटा, कई बांधों के गेट खोले
रविवार काे भी प्रदेश में कहीं तेज ताे कहीं रिमझिम बारिश का दाैर जारी रहा, जिससे प्रमुख नदिया क्षिप्रा, नेवज, पार्वती, काली सिंध, नर्मदा आदि उफान पर रही। गुना व श्योपुर में पार्वती नदी में उफान से श्योपुर-कोटा को जोड़ने वाला खातौली पुल 12 फीट तक डूब गया। वहीं श्योपुर-बारां मार्ग पर कुहांजापुर पुल 3 फीट तक पानी में समा गया है। इससे श्योपुर का राजस्थान के कोटा व बारां से संपर्क कट गया है। पार्वती नदी में पानी बढ़ने से कई गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। रायसेन में बेतवा उफान पर है। इससे जबलपुर-जयपुर मार्ग बंद हो गया।वही मोहनपुरा बांध , यशवंतसागर, बाणसागर, कलियासोत, केरवा डेम के गेट खोले जा चुके है।ओंकारेश्वर बांध के 10 गेट खोल दिए गए हैं। अगले 24 घंटे में इंदिरा सागर बांध के गेट भी खुलने की संभावना है। दोनों बांधों के आसपास प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। रामघाट सहित घाट के किनारों पर बने मंदिर लगातार दूसरे दिन भी जलमग्न रहे। गंभीर डैम भी लबालब है। रविवार शाम एक गेट 25 सेंटीमीटर तक खुला रखा गया।शिवपुरी जिले के सबसे बड़े अटल सागर मड़ीखेड़ा डेम के गेट भी खोल दिये गए। इस डेम से संभाग के 4 जिलों को लाभ मिलता है। भिंड, दतिया, ग्वालियर सहित शिवपुरी जिले के लिए सिंचाई के लिए पानी मिलता है। वहीं डेम के समीप स्थित 60 मेगावाट की मड़ीखेड़ा बिजली इकाई से बिजली का उत्पादन भी होता है। इसके अतिरिक्त शिवपुरी नगर के लिए मड़ीखेड़ा पेयजल परियोजना के लिए पेयजल भी मड़ीखेड़ा डेम से सप्लाई होता है।

पार्वती में 5 बालिकाएं डूबी, तलाश जारी
आज मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में बड़ा हादसा हो गया । कालापीपल के समीप पार्वती नदी में सीहोर जिले की 5 बालिकाएं डूब गई। इसमें से एक बालिका को जिंदा बचा लिया गया, वहीं एक बालिका मृत अवस्था में मिली है। तीन बालिका अभी भी लापता बताई जा रही है। सीहोर जिला प्रशासन एवं शाजापुर जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा है। 3 बालिकाओं को ढूंढने के लिए सीहोर प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ की टीम बुलाई जा रही है।

पिछले चौबीस घंटे का बारिश का रिकॉर्ड
Rainfall dt 24.08.2020
(Past 24 hours)
Ratlam 36.0
Hoshangabad 24.6
Pachmarhi 5.0
Seoni 2.8
Umaria 4.2
Tikamgarh 1.0
Ujjain 3.2
Guna 14.2
Satna 7.4
Bhopal trace
Indore 1.7
Gwalior trace
Jabalpur 5.6
Khajuraho 2.8
Chhindwara 7.4
Sidhi 1.0
Shajapur trace
Mandla 4.0
Khandwa 5.0
Dhar 5.4
Malanjkhand 3.6

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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