नरोत्तम ने बांटे दीये और मोमबत्ती, जरूरतमंदों के खाने के लिए की ये व्यवस्था

नरोत्तम ने बांटे दीये और मोमबत्ती, जरूरतमंदों के खाने के लिए की ये व्यवस्था

दतिया।

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच क्षेत्रवासियों के जरूरतों का ध्यान रखते हुए शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री और दतिया विधायक नरोत्तम मिश्रा ने गरीबों की बस्ती में जरूरतमंद परिवार को भोजन सौंपा। दतिया विधायक ने लोगों से अपील भी की है कि वह आज रात 9:00 बजे 9 मिनट के लिए अपने घर की सारी बत्ती बंद कर घर में दीपक जलाए। उन्होंने लोगों के बीच दीपक भी बांटा।

हर गरीब घर को भोजन की व्यवस्था हो। इसके लिए दतिया विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा गरीब बस्तियों के साथ उन गली मोहल्लों में घूम रहे हैं। जहां भोजन के लिए जरूरतमंद परिवार है। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार रात 9:00 बजे 9 मिनट के लिए दीपक, मोमबत्ती या मोबाइल टॉर्च जलाने का आव्हान किया है। उन्होंने इसका कारण बताया 9 का अंक मंगल का होता है। मंगल हनुमान जी का अंक है 9 का अंक टेड़ा होता है। हनुमान जी अच्छे-अच्छे दुश्मनों की नली तोड़ देते हैं। उन्होंने कहा आज से मानिए यह उजाला लोगों के जीवन में नए रंग और नई उमंग आएगा। दीये की ताप से कोरोना दूर भागेगा। वहीं मिश्रा कहीं स्वयं पकाकर खाने के पैकेट भिजवा रहे हैं तो कहीं बोरियों में भरकर कच्ची सामग्री देते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने दतिया में कई सामाजिक संगठन खड़े किए हैं। जिनके द्वारा भी भोजन वितरण कार्यक्रम किया जा रहा है लेकिन सभी पर इनकी नजर है। आप देख सकते हैं स्वयं घटिया पर पूड़ी सेक रहे हैं। तो कहीं गरीब बस्तियों में पैकेट वितरण कर रहे हैं। उन्होंने कुछ बस्तियों में मोमबत्ती भी बांटी है। उनकी यह सहृदयता की तारीफ हर जगह की जा रही है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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