सड़क पर लावारिस मिली नवजात बच्ची, लोगों की मदद से पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया

सड़क पर लावारिस मिली नवजात बच्ची, लोगों की मदद से पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया

इंदौर/आकाश धोलपुरे

इंदौर में शनिवार को एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगो की आत्मा को झकझोर कर रख दिया। दरअसल, शहर के राउ थाना के औद्योगिक क्षेत्र की सड़क पर कोई सुबह एक नवजात को कोई छोड़ गया। इसके बाद रहवासियों की मदद और पुलिस की डायल 100 सेवा ने मासूम नवजात को अस्पताल पहुँचाया जहां वो सुरक्षित है। इधर, पुलिस अब नवजात को छोड़ने वालो की तलाश में जुट गई है।

शनिवार सुबह सविता नामक महिला जब घर से निकली तो संजय नगर क्षेत्र की सड़क पर एक बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। जिसके बाद सविता नामक महिला ने अन्य लोगो को इसकी जानकारी दी। तब लोगो ने 100 नम्बर डायल कर पुलिस को बुलाया। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही सविता नामक महिला ने देखा कि बच्ची पर चींटियां चढ़ रही तब उसने बच्ची को बेफिक्र होकर गोद मे उठाया और फिर एक माँ की तरह उसे नहलाया। इस बीच मौके पर डायल 100 की FRV पहुंच गई और बच्ची की जान बचाने की जुगत की जाने लगी। दरअसल, उस वक्त तक नवजात बच्ची महज 3 से 4 घण्टे के बीच रही होगी। डायल 100 गाड़ी में पुलिस जवान ने बच्ची को गोद मे बैठाया और फिर उपनिरीक्षक अनिला पाराशर, आरक्षक राजू रावत और पायलेट संदीप सावरसी बच्ची को मिलेश अस्पताल ले जाया गया है और अब नवजात को इंदौर के एम.वाय. अस्पताल की नर्सरी में रखा गया है, जहां मासूम बेटी का इलाज जारी है।

नवजात को नहलाकर पुलिस तक जानकारी पहुँचाने वाली सविता नामक महिला ने बताया कि उस समय बच्ची की हालत देखकर वो उसे सही सलामत स्थिति में पहुँचाने के लिए कोई भी रिस्क उठाएगी ताकि नवजात की जान बचाई जा सके। इधर, राउ थाना प्रभारी दिनेश वर्मा ने बताया कि अब पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है और अब पुलिस जल्द ही उन लोगो को गिरफ्त में लेने की कोशिश में जुट गई जिन लोगो ने नवजात को ऐसी अवस्था मे पहुंचाया है। फिलहाल, लोगो और पुलिस के सोशल कोऑर्डिनेशन के जरिये एक नवजात का जीवन बचा लिया गया है लेकिन अब सवाल उन लोगो पर उठ रहे है जिनको रत्तीभर भी परवाह नही है कि 3 से 4 घण्टे की मासूम साथ हैवानियत की हद पार कर देने वाली घटना को अंजाम दिया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews