अब यहां स्थापना दिवस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उड़ाई सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

अब यहां स्थापना दिवस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उड़ाई सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

मंदसौर।तरुण राठौर।

जिले के गरोठ में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता ने आज स्थापना दिवस मना रहे है। अवसर पर गरोठ मंडल व्दारा प्रात: किसानो एवं व्यापारियो को भगवा मास्क वितरीत किये एवं दोपहर 1 बजे शहीद चौक स्थित पंडीत दिनदयाल उपाध्याय बगीचे पर पंडित जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सफाई कर्मचारी का माला पहनाकर सम्मान करते हुए सभी को मास्क एवं हाथ धोने के लिये साबून वितरीत किये गये। इस मौके पर मंडल अध्यश राजेश जी सेठिया, राजेन्द्र जी जैन ने संबोधित किया। पर इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा के दिग्गज नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान की धज्जियां उड़ाते हुए नजर आए।

बिना सोशल डिस्टेन्स के ये नेता ग्रुप में खड़े रहे। वहीं कुछ कार्यकर्ता तो बिना मास्क थे। जिन्हें देखकर लग रहा था कि मानो बीजेपी के कार्यकता को इस घातक बीमारी का कोई डर नहीं। ये कार्यकर्ता भूल गए थे कि इस कार्यक्रम के दौरान उन्हें सोशल डिस्टेन्स का भी पालन करना है। साथ मुँह पर मास्क लगाना है। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते आज जिस चुनौती से देश जूझ रहा है उसको देखते हुए आज सबको एक जुट होकर गरीबों के लिए आगे आने की जरूरत है और हमारे कार्यकर्ता ये कर भी रहे है। पर आज के हालातों को देखते हुए हमारे कार्यकर्ताओं के द्वारा इस मुश्किल की घड़ी में अपनी ओर अपने परिवार की परवाह की भी कार्य कर रहे है उनके मनोबल बढ़ाने के लिए हमने उनका यहां पर सम्मान किया है ।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews