पंचायत उपाध्यक्ष ने की किसानों की थर्मल स्क्रीनिंग, फेस शील्ड भी किया वितरित

पंचायत उपाध्यक्ष ने की किसानों की थर्मल स्क्रीनिंग, फेस शील्ड भी किया वितरित

सतना।पुष्पराज सिंह बघेल।

वैश्विक महामारी कोविड 19 से पूरा देश थर्राया हुआ है । तो सतना ज़िला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह ने आज ऊँचेहरा सब्ज़ी मंडी में किसान भाइयों -बहनों को कोरोना से बचाव के लिए उनके हाल जाने और जो पेशे से डॉक्टर भी हैं, उन्होंने लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कर फेस शील्ड वितरित किया।

कोरोना महामारी की वर्तमान स्थिति, बढ़ते कोरोना संक्रमण पर रोक व क्षेत्र में सोशल डिस्टेंसिंग को बनाये रखने के उद्देश्य से सतना जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह ने ऊँचेहरा सब्ज़ी मंडी में किसानो की थर्मल स्क्रीनिंग कर फेसशील्ड वितरित करते हुए समझाइस दी।सतना ज़िला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह ने कहा कि पूरा देश इस समय कोरोना वायरस से ग्रस्त है इस महामारी से संक्रमित होने वालो की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।ऐसे में इस बीमारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डॉ. रश्मि सिंह ने सब्ज़ी मंडी में किसानो से कहा कि लॉक डाउन में छूट मिलने का मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि हम सामान्य स्थिती में आ गए हैं।

अब वर्तमान में स्थिती और भी भयानक और ख़तरनाक हो चुकी है।सब्ज़ी बेचने की और लोगों को ख़रीदने की आप दोनो को आवश्यकता हैं, इसलिए आप लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सावधानी एवं सतर्कता बरते।ताकि हम सब लोग आपसी एकता , संयम और नियमो का पालन कर इस महामारी से निजात पा लें।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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