जिले में कोरोना पॉजिटिव मिलने पर पुलिस प्रशासन फिर से सख्त

जिले में कोरोना पॉजिटिव मिलने पर पुलिस प्रशासन फिर से सख्त

अशोकनगर।अलीम डायर।

कोरोनावायरस(corona virus) के चलते अभी तक लॉक डाउन(lockdown) की ग्रीन लिस्ट(green llist) में चल रहे अशोकनगर(ashoknagar) जिले में भी कोरोना(corona) ने दस्तक दे दी है अशोकनगर जिले के ईसागढ़ तहसील में एक महिला(woman) कोरोना पॉजिटिव(corona positive) पाई गई जिसकी भोपाल(bhopal) में उपचार के दौरान मौत हो गई जिससे संपूर्ण जिले में खलबली मच गई और तुरंत जिला प्रशासन सकते में आया। जिसके चलते जिले वासियों को दी गई छूट तुरंत प्रभाव से बंद कर दी गई और जिले को दोबारा संपूर्ण लॉक डाउन कर दिया गया है ।तो वही पुलिस प्रशासन ने भी दोबारा सख्ती दिखाते हुए मुस्तैदी से हर गली सड़क रोड पर तैनाती कर दी है।

इस दौरान जिले के मुंगावली तहसील में भी थाना प्रभारी रोहित दुबे द्वारा अकारण अनावश्यक घूम रहे लोगों पर सख्ती से कार्रवाई की गई। वही बिना मास्क(mask) एवं बिना कोई प्रोटेक्शन(protection) के फालतू घूम रहे। लोगों से उठक बैठक लगवाई और यह हिदायत देकर छोड़ दिया गया कि अगर अगली बार अनावश्यक घूमते पाए गए तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ में यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन आपकी भलाई और रक्षा के लिए ही यह सख्ती दिखा रही है। अगर आप लोग घर पर नहीं रुकेंगे। अनावश्यक बाजार सड़कों पर निकलेंगे तो कोरोनावायरस को फैलने में देर नहीं लगेगी क्योंकि जिले में एक पॉजिटिव मरीज निकल चुका है। जिसकी मौत भी हो चुकी है इसलिए सभी नगर वासियों से यह अपील की गई कि वह अपने अपने घरों में ही रहे अनावश्यक बाहर निकल कर परिस्थितियों को और विकराल रूप देने का काम ना करें।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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