पुलिस अधिकारी ने सुनाए नग़में, लोगों ने सोशल डिस्टेंस का पालन कर उठाया लुत्फ

पुलिस अधिकारी ने सुनाए नग़में, लोगों ने सोशल डिस्टेंस का पालन कर उठाया लुत्फ

टीकमगढ़/आमिर खान

कोरोना जैसे महामारी के बीच जहां देश के हर एक व्यक्ति की इससे लड़ने कि जिम्मेदारी है और इसमें पुलिस की बहुत बड़ी भूमिका है। पुलिस की तैनाती के चलते हम इस जंग से लडने में भी कामयाब होते दिखाई दे रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी सोशल डिस्टेंस रखने की है, जो हर एक व्यक्ति पर लागू होता है। 7 अप्रैल को एमपी ब्रेकिंग न्यूज ने इसी संबंध में एक समाचार आप तक पहुंचाया था, “यह कैसी पुलिस : सुबह डंडों की बरसात, शाम को सरेआम लॉक डाउन का उल्लंघन” जिसमें हमने एक पुलिस अधिकारी की लापरवाही दिखाई थी, जिसमें पुलिस अधिकारी द्वारा भीड़ जुटाकर लॉक डाउन का उल्लंघन करते दिखाई दिए थे। यह खबर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी और अब इस खबर का असर हुआ है।

सोमवार को एक बार फिर एसडीओपी सुरेश सेजवाल अपने साज़ और आवाज के साथ टीकमगढ़ शहर में निकले और उन्होंने लोगों को अपनी मधुर आवाज से पुराने नगमें सुनाए। इस दौरान अहम बात ये देखने को मिली कि लॉक डाउन का पूर्ण रूप से ध्यान रखा गया। पहले की तरह इस बार भीड़भाड़ एकत्रित नहीं की गई और पुलिस अधिकारी ने लोगों को मधुर आवाज में किशोर कुमार और मुहम्मद रफी के गीतों से सराबोर किया गया। एसडीओपी सुरेश सेजवाल के बेहद मधुर गाते हैं और लोगों ने इनके गीत अपने अपने घरों के दरवाजों और छतों पर रहकर सुने और तालियां बजाकर उत्सावर्धन भी किया। एसडीओपी सुरेश सेजवाल का कहना है कि दिन भर पुलिस काम में थक जाती है, लेकिन इसी थकान और तनाव को दूर करने के लिए गाने का सहारा लेकर लोगों के बीच पहुंचते हुए मन बहलाने का काम करते हैं। फिलहाल सोशल डिस्टेंस हम सभी को बनाकर कोरोना जैसे वायरस से लड़ने का काम कर कोरोना को हराकर भारत को विजयी बनाना है।

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निदेशक और संपादक

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