Rakshabandhan: NSUI ने पुलिसकर्मियों व डॉक्टरों को बांधा रक्षासूत्र

Rakshabandhan: NSUI ने पुलिसकर्मियों व डॉक्टरों को बांधा रक्षासूत्र

नीमच, रामेश्वर नागदा

एनएसयूआई ने आज भाई बहन के अटूट विश्वास और प्रेम के पावन पर्व रक्षाबंधन पर पुलिस कर्मियों व कोविड-19 के इलाज में अपना योगदान दे रहे डॉक्टर्स व नर्सों को रक्षासूत्र बांध कर धन्यवाद् दिया। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं का कहना है कि रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के प्यार व विश्वास का प्रतीक है। और इस अवसर पर जिन लोगो ने वैश्विक महामारी corona के समय हमारी रक्षा करी वह इस के हकदार हैं।

जिला समन्वयक मानसी नायडू ने बताया कि इस महामारी के चलते कई पुलिस कर्मी व अस्पतालों में सेवा दे रहे डॉक्टर्स अपने घर तक नहीं जा पा रहे हैं। और इस पर्व का तो हर भाई बहन बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। तो यह पहल उन सब पुलिस भाइयों व उन नर्सेस बहनों के लिए जो जनसेवा के लिए अपने घर नहीं जा पाए और उनकी कलाई आज के दिन सूनी ना रहें। इस अवसर पर जिला समन्वयक मानसी नायडू, राजीव भास्कर, छात्र नेता नितेश यादव, मनीष कदम, हर्षित गोसर, इब्राहिम कादरी उपस्थित थे।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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