रक्षाबंधन: सुशांत की बहन का भावुक पोस्ट- ‘वह कलाई नहीं जिसपर बांध सकूं राखी’

रक्षाबंधन: सुशांत की बहन का भावुक पोस्ट- ‘वह कलाई नहीं जिसपर बांध सकूं राखी’

पटना, कलश तिवारी

एक तरफ जहां सुशांत सिंह राजपूत(Sushant Singh Rajput) के आत्महत्या मामले में चल रहे केस से मामला गरमाया हुआ है। वही दूसरी तरफ आज रक्षाबंधन के मौके पर सुशांत सिंह राजपूत की बहन मितू सिंह(Mitu Singh, sister of Sushant Singh Rajput) के लिए एक-एक पल गुजारना भारी पड़ रहा है। जिसके बाद सुशांत की बहन ने सोशल मीडिया पोस्ट(Social media posts) के जरिए अपना यह दर्द जाहिर किया है। अपने भावुक पोस्ट में बहन मितू सिंह ने लिखा है कि आज पूजा की थाल भी है, आरती का दिया भी है, हल्दी चंदन भी है लेकिन वह चेहरा नहीं जिसकी आरती उतार सकूं।

दरअसल रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के प्रेम, संकल्प एवं रक्षा के वचनों को निभाने वाला त्योहार है। लेकिन 35 साल तक साथ रहने के बाद अगर कोई बहन अपने भाई को इस त्यौहार के दिन राखी ना बन सके तो इससे बड़ा दर्द शायद ही कोई हो सकता है। इसी को लेकर आज सुशांत सिंह राजपूत की बड़ी बहन मितू सिंह ने सोशल मीडिया पर भावुकता भरी एक पोस्ट शेयर की। जिसमें उन्होंने लिखा है कि गुलशन, मेरा बच्चा आज मेरा दिन है आज तुम्हारा दिन है आज हमारा दिन है आज राखी है।33 साल के बाद यह पहला मौका है। जब पूजा की थाल सजी है, आरती का दिया भी जल रहा है। हल्दी चंदन का टीका भी है, मिठाई भी है, राखी भी है बस वह चेहरा नहीं जिसकी आरती उतार सकूं। मितू सिंह ने लिखा है वह ललाट नहीं है, जिस पर टीका सजा सकूं, वह कलाई नहीं जिस पर राखी बांध सकूं। वह मुंह नहीं जिसे मीठा कर सकूं वह माथा नहीं जिसे चूम सकूं और वह भाई नहीं जिसे गले लगा सकूं।

बता दें कि इसी बीच बीते दिन सुशांत सिंह राजपूत के पिता(Father of Sushant Singh Rajput) ने सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती(Riya Chakraborty) पर सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। जिसके बाद फिर इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। एक तरफ जहां रिया का कहना है कि उन पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं दूसरी तरफ बिहार पुलिस(Bihar Police) के मुंबई पहुंच कर छानबीन करने के बाद मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस के बीच काफी तनातनी का माहौल है।इसको लेकर अब क्षेत्रवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सोशल मीडिया पर पूरे देश से सुशांत सिंह राजपूत के केस के लिए सीबीआई जांच(CBI Enquiry) की मांग उठ रही है।

गौरतलब हो कि सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को मुंबई स्थित बांद्रा में अपने घर में पंखे से लटककर फांसी लगा ली थी।जिसके बाद उनके नौकर ने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी।हालांकि सुशांत सिंह के शव के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था । पुलिस के अनुसार, सुशांत सिंह राजपूत ने खुदकुशी की है, हालांकि, अभी तक इसका कारण पता नहीं चल सका है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। सुशांत सिंह राजपूत के मौत की खबर से फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनैतिक गलियारों तक में शोक की लहर है। वहीँ अचानक उनकी ख़ुदकुशी से उनके फैंस को गहरा सदमा लगा था। इसके साथ ही बॉलीवुड में नेपोटिस्म पर बहस छिड़ गई थी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews