अब नहीं हो सकेगी जमीनों की रजिस्ट्री! सर्विस प्रोवाइडर्स ने ये कहकर किया इनकार

अब नहीं हो सकेगी जमीनों की रजिस्ट्री! सर्विस प्रोवाइडर्स ने ये कहकर किया इनकार

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। जमीनों की रजिस्ट्री करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सर्विस प्रोवाइडर्स (Service Providers) ने घोषणा की है कि वे कोरोना संक्रमण (Corona Infection) को देखते हुए 26 अप्रैल तक रजिस्ट्रार ऑफिस (Registrar Office) में अपनी सेवाएं नहीं देंगे। ग्वालियर जिला सर्विस प्रोवाइडर्स एवं पंजीयन अभिभाषक संघ ने सोमवार को मीटिंग कर ये फैसला किया कि वे कोरोना कर्फ्यू (Corona Curfew) के नियमों का पालन करेंगे और लोगों एवं स्वयं को संक्रमण से बचाये रखने के लिए बाहर नहीं निकलेंगे और अपने अपने ऑफिस बंद रखेंगे ।

बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच राज्य सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए जमीनों की रजिस्ट्री वाले कार्यालय खोल रखे हैं जहाँ रोज बड़ी संख्या में भीड़ जुट रही है। जो लोग रजिस्ट्री कराने आते हैं उन्हें प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर्स (Service Providers) अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं इसलिए उन्हें भी रोज रजिस्ट्रार कार्यालय (Registrar Office) आना पड़ता है जिससे उन्हें भी कोरोना संक्रमण का खतरा बना रहता है।   आज सोमवार को ग्वालियर के सर्विस प्रोवाइडर्स  और एडवोकेट ने जिला सर्विस प्रोवाइडर्स एवं पंजीयन अभिभाषक संघ के बैनर पर इकट्ठा  होकर मीटिंग कर फैसला किया कि आम जनता, अभिभाषक एवं सर्विस प्रोवाइडर्स अपने परिवार के सदस्यों,  अधिकारियों और कर्मचारियों को कोरोना जैसे बीमारी से बचाने एवं इसकी चैन को तोड़ने के लिए शासन प्रशासन ने कोरोना कर्फ्यू लगाया है इसलिए सभी सर्विस प्रोवाइडर्स और अभिभाषक जनता कर्फ्यू का पालन करेंगे और अपना काम बंद रखेंगे, रजिस्ट्रार ऑफिस नहीं आएंगे ।

सर्विस प्रोवाइडर्स (Service Providers) ने बताया कि वे  19 अप्रैल से 26 अप्रैल तक रजिस्ट्रार ऑफिस (Registrar Office) में काम नहीं करेंगे और अपने अपने ऑफिस बंद रखेंगे और यदि किसी सर्विस प्रोवाइडर्स या अभिभाषाक ने ये नियम तोड़ा तो उसके खिलाफ संघ कड़ी कार्रवाई करेगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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