भाजपा का हमला: महिलाओं का अपमान करना कांग्रेस की संस्कृति, कमलनाथ का बयान मानसिक दिवालियापन

riti pathak slams congress

ग्वालियर,अतुल सक्सेना। भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी को भाजपा की महिला सांसद ने उनका मानसिक दिवालियापन बताया हैं उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से लेकर कमलनाथ तक कांग्रेस की संस्कृति में बसा है महिलाओं का अपमान करना।

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डबरा की चुनावी सभा में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में वोट मांगने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी कर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। कमलनाथ के बयान के बाद भाजपा हमलावर है। रविवार को ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के प्रायश्चित स्वरूप दो घंटे के मौन धरने के फैसले के बाद भाजपा ने सोमवार को पूरे प्रदेश में दो घंटे का मौन व्रत रखा और कमलनाथ पर कार्र वाई की मांग की।

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पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार के लिए ग्वालियर पहुंची भाजपा सांसद रीति पाठक मे पत्रकारों से बात करते हुए कमलनाथ के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे उनके मानसिक दिवालियेपन का सुबूत बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से लेकर कमलनाथ तक कांग्रेस की संस्कृति में बसा है महिलाओं के अपमान करना।

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रीति पाठक ने कहा कि राहुल गांधी ने वड़ोदरा में लोगों से पूछा था कि क्या संघ की शाखाओं में महिलाएं स्कर्ट पहने दिखती हैं? पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तो अपनी ही पार्टी की सांसद मीनाक्षी नटराजन के लिए कहा था कि क्या टंच माल है। पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने भी मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर का उस समय चिल्लर कहकर मजाक बनाया था। जब देश उनके प्रतियोगिता जितने के बाद खुशी मना रहा था । और अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमारी प्रत्याशी और दलित बहन इमरती देवी को आइटम कह दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता संस्कारवान है और महिलाओं का पूरा सम्मान करता है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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