सनसनीखेज चोरी: धनुष तोप में लगाए जाने वाले तीन खोल बारूद अलग कर ले गए चोर

सनसनीखेज चोरी: धनुष तोप में लगाए जाने वाले तीन खोल बारूद अलग कर ले गए चोर

जबलपुर, संदीप कुमार। मध्यप्रदेश में चोरों के हौसले कितने बुलंद हैं इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे इस अति सुरक्षित और अति संवेदनशील स्थानों पर चोरी करने से भी खौफ नहीं खाते। ताजा मामला जबलपुर के केंद्रीय सुरक्षा संस्थान के लॉन्ग प्रूफ रेंज में चोरी का  है।

जानकारी के अनुसार केंद्रीय सुरक्षा संस्थान के लॉन्ग प्रूफ रेंज (LPR) से आज तोप (Canon) के तीन खोल चोरी हो गए,खास बात ये है कि चोरो ने एलपीआर (LPR) के अंदर ही पहले तो खोल से बारूद (Gunpowder) हटाया और फिर उसे खाली करने के बाद उसे ले उड़े, बताया जा रहा है कि चोरी हुए तोप (Canon) के खोल की कीमत करीब 6 लाख रु है, इधर सेना के जवान तैनात होने के बाद भी एलपीआर (LPR)  में चोरी हो जाने की घटना से हड़कप मच गया है।

एलपीआर के सूबेदार ने पुलिस से की शिकायत

लॉन्ग प्रूफ रेंज (LPR) से हुए तोप (Canon)के खोल चोरी होने की घटना के बाद से हड़कप मच गया है, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सूबेदार ने चोरी की घटना खमरिया थाने में दर्ज करवाई है, बताया जा रहा है कि चोरों ने बड़ी ही आसानी से इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया था, सूबेदार की शिकायत पर खमरिया थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

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धनुष तोप के लिए बनाए जाते हैं 125 एमएम के गोले

जबलपुर की गन कैरिज फेक्ट्री (Gun Carriage Factory Jabalpur) में देश की सबसे शक्तिशाली तोप धनुष (Dhanush Canon) बनाई जाती है और इसी धनुष तोप (Dhanush Canon) में लगने वाले 125 एमएम के तीन खोल चोरी हुए है, अंदेशा जताया जा रहा है कि इस चोरी में निश्चित रूप से कोई संस्थान का ही व्यक्ति है जिसने इस वारदात को अंजाम दिया है, फिलहाल खमरिया थाना पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है, पुलिस बाहरी और अंदरूनी सभी तरह के पहलुओं पर जाँच कर रही है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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